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जिलाधिकारी का आदेश ठेंगे पर, मनरेगा भवन पर अग्निशमन विभाग का कब्जा

आठ माह बाद भी आदेश बेअसर, अब भी भवन खाली करने को तैयार नहीं

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जनवरी 2019 में हुआ था दखल, तभी से फाइलों में चल रहा हटाने का प्रयास

  • अभिषेक कुमार सुमन के साथ बजरंगी कुमार की रिपोर्ट

सासाराम (voice4bihar news)। सासाराम प्रखंड कार्यालय परिसर में स्थित प्रखंड स्तरीय भारत निर्माण राजीव गांधी सेवा केंद्र अर्थात मनरेगा भवन इन दिनों प्रशासनिक फाइलों में चर्चा का विषय बना हुआ है। यह चर्चा मनरेगा भवन के निर्माण कार्य को पूरा कराने और अधूरे पड़े मनरेगा भवन के आधे हिस्से में अग्निशमन कार्यालय संचालित होने को लेकर है। अग्निशमन कार्यालय को मनरेगा भवन से हटाने को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों के बीच पत्राचार का दौर शुरू हो चुका है।

प्रखंड विकास पदाधिकारी और मनरेगा कार्यक्रम पदाधिकारी के संयुक्त हस्ताक्षर से अग्निशमन कार्यालय को मनरेगा भवन से हटाने की गुहार लगाते हुए जिला पदाधिकारी रोहतास को 2021 में पत्र प्रेषित किया गया था। उक्त प्रार्थना पत्र के आलोक में जिलाधिकारी ने पत्र प्रेषित करते हुए मनरेगा भवन खाली करने का फरमान वर्ष 2021 में ही जारी कर दिया था, बावजूद इसके अब तक अग्निशमन कार्यालय मनरेगा भवन से नहीं हट सका है। यह प्रकरण जिलाधिकारी के आदेश को ठेंगा दिखाते हुए वरीय अधिकारी के आदेश की अवहेलना का प्रत्यक्ष प्रमाण साबित हो रहा है।

आठ माह बाद भी जिलाधिकारी का आदेश बेअसर

तारीखों पर गौर करें तो, वर्ष 2021 में तत्कालीन सासाराम प्रखंड विकास पदाधिकारी और मनरेगा कार्यक्रम पदाधिकारी ने 12 जून 2021 को संयुक्त हस्ताक्षर से जिलाधिकारी को प्रेषित पत्र संख्या 252 में गुहार लगाई थी कि अधूरे पडे़ मनरेगा भवन में संचालित अग्निशमन कार्यालय को हटाया जाए। प्रखंड स्तरीय अधिकारियों की इस गुहार के आलोक में जिलाधिकारी ने 2 जुलाई 2021 को पत्रांक संख्या-1005 जारी किया था। सासाराम अग्निशमन कार्यालय के प्रभारी पदाधिकारी को पत्र प्रेषित करते हुए सासाराम प्रखंड परिसर स्थित मनरेगा भवन को अति शीघ्र खाली करने का निर्देश जारी किया गया है। इस निर्देश के जारी होने के पश्चात 8 माह बीत जाने के बावजूद अब तक अग्निशमन कार्यालय कर्मियों ने भवन को खाली नहीं किया है।

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मनरेगा भवन से अग्निशमन कार्यालय का कब्जा हटाने के लिए जारी डीएम का पत्र।
मनरेगा भवन से अग्निशमन कार्यालय का कब्जा हटाने के लिए जारी डीएम का पत्र।

बगैर अनुमति 2019 से ही मनरेगा भवन पर है अग्निशमन का कब्जा

सदर प्रखंड परिसर स्थित मनरेगा भवन से अग्निशमन कार्यालय हटाने के संबंध में जारी जिलाधिकारी के आदेश पत्र में कई अहम बातों का जिक्र है। इसके अनुसार कार्यक्रम पदाधिकारी को सूचित किए बगैर 15 जनवरी 2019 से अग्निशमन की टीम इस भवन में रह रही है। इसके बाद फरवरी 2019 और जून 2019 में भी अग्निशमन कर्मियों को मनरेगा भवन खाली करने का निर्देश जिला ग्रामीण विकास अभिकरण कार्यालय ने जारी किया था।

जारी आदेश के लंबे समय बीतने के बावजूद मनरेगा भवन को खाली नहीं किए जाने को लेकर जिलाधिकारी ने 2 जुलाई 2021 को प्रेषित पत्र में खेद व्यक्त किया है। यहां ताज्जुब इस बात का है कि जिलाधिकारी का पत्र के जारी होने के 8 माह पश्चात भी परिणाम ढाक के तीन पात साबित हो रहा है।

अग्निशमन कार्यालय का दावा- हमें नहीं मिला कोई निर्देश

वहीं फायर अफसर नवल किशोर की मानें तो वरीय अधिकारियों के निर्देश के बाद ही मनरेगा भवन में अग्निशमन कार्यालय को वर्ष 2019 से शिफ्ट किया गया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि मनरेगा भवन को खाली करने के लिए पूर्व में कोई पत्र अग्निशमन कार्यालय को प्राप्त नहीं हुआ है। हालांकि श्री किशोर ने मार्च 2022 के अंतिम सप्ताह में मनरेगा भवन को खाली करने के लिए जिला पदाधिकारी की ओर से जारी पत्र प्राप्त होने की पुष्टि जरूर की है।

फायर अधिकारी नवल किशोर ने पूरे मामले से बिहार अग्निशमन सेवा के वरीय अधिकारियों को सूचित किए जाने का दावा करते हुए कहा है कि अग्निशमन सेवा के वरीय अधिकारियों के निर्देश के आलोक में उचित कदम उठाया जाएगा। बहरहाल अब देखना यह होगा कि बगैर मनरेगा कार्यक्रम पदाधिकारी की अनुमति के मनरेगा भवन में रह रहे अग्निशमन दस्ते के द्वारा मनरेगा भवन को खाली कराने के लिए अब क्या प्रशासनिक कार्रवाई जिला प्रशासन करता है।

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