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बुजुर्ग को जिंदा जलाने वाले शख्स को उग्र भीड़ ने भी मार कर जला डाला

भोजपुर में उग्र भीड़ ने दी "जैसे को तैसा" वाली सजा

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 बगीचे में मामूली विवाद में बुजुर्ग की हत्या कर घास – फूस व पत्तों ढंक कर जलाया शव

आरा (Voice4bihar news ) । भोजपुर जिले में उग्र भीड़ ने आज फिर कानून को हाथ में ले लिया। दो दिन पहले जिले के पवना में हुए बवाल की अभी जांच भी पूरी नहीं हुई कि से एक और लोमहर्षक वारदात सामने आ गयी। जिले के उदवंतनगर थाना के बकरी गांव में एक बुजुर्ग को जिंदा जलाने वाले के आरोपित शख्स को उग्र भीड़ ने पीट – पीटकर मार डाला। हत्या करने के बाद उग्र भीड़ ने उसके शव को भी जला दिया गया। घटना उदवंतनगर थाना क्षेत्र के बकरी गांव की है । आरोप है कि बकरी गांव निवासी डिग्री चौधरी ( 80 ) की हत्या पड़ोस के गांव ज्ञानचक निवासी मुटुर यादव ने की थी।

मौके पर जुटी उग्र भीड़ ने आरोपित को वहीं पकड़कर मार डाला, जला दी लाश

सोमवार को भरी दोपहरी में हुई इस वारदात के बाद दोनों गांव में तनाव बढ़ गया है। जंगल में आग की तरह फैली इस खबर ने पूरे राज्य को हिला दिया। घटना की सूचना मिलते ही एसडीपीओ पंकज कुमार रावत और थानाध्यक्ष ज्योति कुमारी मौके पर पहुंच गयी। बुरी तरह जले दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिये आरा सदर अस्पताल लाया गया। हालांकि पुलिस हत्या के बाद शव को जलाये जाने के मामले में स्पष्ट नहीं बता रही है।

घटना के संबंध में ग्रामीणों ने बताया कि बकरी गांव निवासी डिग्री चौधरी दोपहर में गांव के बधार में अपने आम के बगीचे की रखवाली कर रहे थे । तभी ज्ञानचक गांव निवासी मुटुर यादव वहां आ पहुंचा । इस दौरान किसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया । मुटुर यादव ने बुजुर्ग की हत्या दी और शव को बगीचे के पास ही घास – फूस व पेड़ के सूखे पत्ते से ढंक कर जला दिया। इससे गुस्साये बकरी गांव के लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर जा पहुंचा।

अपनी पत्नी की भी हत्या कर चुका था मुटुर यादव, बेटे पर भी किया था घात

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घटना की सूचना मिलने पर लोगों ने मुटुर यादव को पकड़ लिया। देखते – देखते भीड़ जमा हो गयी और मुटुर यादव को भी पीट – पीटकर मार डाला। उसके बाद उसके शव को भी वहीं जला दिया गया । पुलिस सूत्रों की मानें तो मृतक मुटुर यादव सनकी टाइप का था । इससे पहले भी वह अपनी पत्नी की हत्या कर चुका था । इसके अलावा अपने बेटे पर भी जानलेवा हमला करने का आरोप है । बहरहाल इस घटना के बाद पुलिस मामले की तहकीकात में जुट गयी है।

अधजली लाशों को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने के लिए पहुंची पुलिस।

नए एसपी को दो बड़े वारदातों की सलामी !

भोजपुर एसपी के तौर पर राकेश कुमार दुबे के पद संभालने के साथ ही सामने आई दोनों घटनाओं ने पुलिस को चुनौती दे डाली। बीते शनिवार को भोजपुर जिले के पवना थाना के रनी के समीप बड़ी नहर में बालू लदा ट्रैक्टर गिरने से दो युवकों की मौत के बाद अभूतपूर्व बवाल हुआ था। हादसे के बाद आक्रोशित लोगों ने दोनों की मौत के लिये पुलिस को दोषी ठहराते हुये पवना बाजार में जमकर कर उपद्रव मचाया। इस दौरान पुलिस पर रोड़ेबाजी कर दी गयी और दौड़ा दौड़ा कर पीटा गया। सीओ की गाड़ी फूक दी गयी।

एक होमगार्ड जवान की राइफल छीन ली गयी। रोड़ेबाजी में अगिआंव इंस्पेक्टर सहित तीन थानों की गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गयी। टाउन थानाध्यक्ष सहित आधा दर्जन पुलिसकर्मी चोटिल हो गये । इनमें टाउन थाना इंचार्ज अविनाश कुमार को काफी चोटें आयी । उपद्रव के दौरान दो राहगीरों का सिर भी फूट गया था।

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हाल के वर्षों में भोजपुर जिले में ऐसी उग्र भीड़ नहीं दिखी थी । दूसरी ओर सोमवार को उदवंतनगर के बकरी गांव में हुई लोमहर्षक वारदात ने साबित कर दिया है कि जिले में पुलिस का खौफ नहीं रहा । बहरहाल देखना दिलचस्प होगा कि नए एसपी राकेश कुमार दुबे पुलिस के दबदबे को बरकरार रखने के लिए क्या कदम उठाते हैं ।

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