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भारत-नेपाल सीमा पर दिखा ड्रोन, बिहार के अररिया में देखी गयी ड्रोन की संदिग्ध गतिविधि, जांच में जुटीं दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियां

पिछले दिनों भारत-पाकिस्तान सीमा पार से पंजाब में ड्रोन के सहारे गिराये गए थे दर्जनों हैंड ग्रेनेड

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दो दिन बाद भी नहीं मिली पुख्ता जानकारी, भारत व नेपाल के अधिकारियों ने किया मंथन

भारतीय सुरक्षा एजेंसी SSB की 52वीं बटालियन के साथ नेपाल पुलिस व नेपाल एपीएफ की बैठक

जोगबनी/अररिया (voice4bihar news)। हाल ही में भारत-पाकिस्तान सीमा पर पाकिस्तान की तरफ से पंजाब में हुए ड्रोन से हथियार गिराने की घटनाओं के बाद बिहार के अररिया जिले में संदिग्ध ड्रोन दिखने से हड़कंप मच गया है। भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पहली बार ड्रोन की संदिग्ध गतिविधि दिखने के बाद दोनों देशों के अधिकारी जांच में जुट गए हैं। बताया जा रहा है कि इस ड्रोन ने मात्र पांच मिनट तक सीमा क्षेत्र का अवलोकन किया और फिर गायब हो गया। मामला इस लिए गंभीर हो जाता है कि ऐसी घटना भारत-नेपाल सीमा पर पहले कभी सामने नहीं आई थी।

धरती से करीब 100 मीटर की ऊंचाई पर उड़ रहा था ड्रोन

भारत-नेपाल सीमा के पास दिखा ड्रोन आखिर किस मकसद से भारत की सीमा में उड़ रहा था, इसका जवाब अभी किसी के पास नहीं हैं। लिहाजा नेपाल के अधिकारी इस घटना को लेकर किसी तरह के बयान देने से बच रहे हैं। इस बाबत अररिया के डीएसपी पुष्कर कुमार ने बताया कि अररिया जिले के सीमावर्ती इलाके में मंगलवार की रात्रि में ड्रोन देखा गया था। भारत-नेपाल सीमा के स्तंभ संख्या 169 के पास कुर्साकांटा प्रखंड क्षेत्र के लैलौखर कैंप के ऑपोजिट नेपाल क्षेत्र में भारतीय समयानुसार शाम 7:40 बजे संदिग्ध ड्रोन को धरती से करीब 100 मीटर की ऊंचाई पर उड़ते देखा गया है।

जब तक एक्शन लेते जवान, रात के अंधेरे में गायब हो गया ड्रोन

उन्होंने बताया कि सीमा पर तैनात जवान जब तक कोई एक्शन लेते, इससे पहले ही उड़ता हुआ ड्रोन रात के अंधेरे में स्वतः गायब हो गया। इस घटना की जानकारी वरीय अधिकारियों को दी गई है। मामले की जांच जारी है व पुलिस पूरी तरह से चौकस है। हालांकि एसडीपीओ पुष्कर कुमार ने बताया कि नेपाल की सीमा में संदिग्ध ड्रोन उड़ने की जानकारी मिली है। दूसरी ओर भारत-नेपाल सीमा की निगरानी में तैनात सशस्त्र सीमा बल (SSB) भी अलर्ट हो गया है। SSB के डीआईजी एसके सारंगी ने कहा कि मंगलवार की रात्रि की घटना को लेकर सभी बीओपी व कम्पनी को चौकसी के निर्देश दिए गए हैं।

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कहां से आया ड्रोन, इसकी जांच में जुटीं दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियां

संदिग्ध ड्रोन की पड़ताल में दो दिन बाद भी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिली सकी। इस बीच बृहस्पतिवार की देर शाम SSB की 52वीं बटालियन और नेपाल पुलिस तथा नेपाल एपीएफ के बीच देर शाम तक बैठक हुई। इस बैठक में ड्रोन की जानकारी नेपाली अधिकारियों को दी गई है। एसएसबी की तरफ से नेपाल के नोचा पुलिस, खरबंना चौकी तथा नेपाल एपीएफ के अधिकारियों को इस घटना से अवगत कराया गया है। सुरक्षा की दृष्टिकोण से दोनों देश के अधिकारी इसकी जांच में जुटे हैं।

पंजाब में ड्रोन से गिराये गए थे 35 हैंड ग्रेनेड, इसलिए मामला गंभीर

नेपाल सीमा पर ड्रोन की गतिविधि इस वजह से गंभीर हो जाती है कि पिछले दिनों भारत-पाक सीमा पर बसे पंजाब में पाकिस्तान की तरफ से 13 बार ड्रोन का घुसपैठ कराने की बात मीडिया रिपोर्टों में आई थी। इन ड्रोन के सहारे करीब 3 दर्जन हैंड ग्रेनेड गिराये गये थे। माना जा रहा है कि यहां हथियार सप्लाई के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसकी जांच अभी भारत की सुरक्षा व खुफिया एजेंसियां कर रही हैं। इस घटना को देखते हुए नेपाल व बिहार की सीमा पर ड्रोन की गतिविधि को हल्के में नहीं लिया जा सकता।

कहीं चीन व पाकिस्तान की चाल तो नहीं?

तथ्य यह भी है कि भारत के पड़ोसी देश अफगानिस्तान में तख्ता-पलट के बाद दुनिया के तमाम देशों की तरह भारत व नेपाल ने भी अपने नागरिकों को वापस बुला लिया। इस प्रक्रिया में नेपाल ने पूरी सतर्कता नहीं बरती। ऐसी खबरें भी आ रही है कि नेपाल के रास्ते आतंकियों को भारत में प्रवेश करवाने के लिए चीन व पाकिस्तान प्रयास कर रहे हैं।

अफगानिस्तान में फंसे नेपाली नागरिकों को वतन वापसी में सहयोग की पेशकश कर पाकिस्तान ने इसी मंशा को जाहिर किया है। संभवतत: इस एहसान के बदले नेपाली नागरिकों का इस्तेमाल गलत प्रयोजन में करने की कोशिश होगी। क्योंकि चीन व पाकिस्तान को नेपाल के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्‌डे पर कमजोर सुरक्षा व्यवस्था का अंदाजा है। बहरहाल आशंकाएं कई हैं। पूरा तथ्य जांच के बाद ही सामने आएगा।

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