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नाबालिग से दुष्कर्म व हत्या के अभियुक्त को अदालत ने सुनाई फांसी की सजा, 50 हजार रुपये अर्थदंड भी देना होगा

पीड़ित परिवार को 8 लाख रुपये सरकारी मुआवजा देने का भी अदालत ने दिया आदेश

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रोहतास जिले के डेहरी डालमियानगर थाना क्षेत्र में पिछले “बाल दिवस” को हुई थी वारदात

दीपावली के दिन लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति दिखाने के बहाने 10 वर्ष की बच्ची को ले जाकर किया था रेप 

दुष्कर्मी ने भेद खुलने के डर से की थी हत्या, लकड़ी के बक्से में छुपाई थी लड़की की लाश

अभिषेक कुमार के साथ बजरंगी कुमार सुमन की रिपोर्ट

सासाराम (voice4bihar news)। तारीख -14 नवंबर 2020 को जब पूरा देश बच्चों के सम्मान में “बाल दिवस” मना रहा था, साथ ही घर-घर में दीपावली व लक्ष्मी पूजन की तैयारी चल रही थी, ऐसे पावन मौके पर रोहतास जिले के डेहरी डालमियानगर थाना क्षेत्र का गंगौली गांव में एक मासूम के साथ ऐसी दरिंदगी हुई कि मानवता कांप उठी। एक दरिंदे ने 10 वर्ष की बालिका के साथ न सिर्फ घिनौना कृत्य कर डाला बल्कि नाबालिग की हत्या कर डेड बॉडी को लकड़ी के बक्से में बंद कर दिया था।

वारदात के अगले दिन वाकया सामने आया और कानूनी प्रक्रिया के तहत करीब 8 महीने बाद इस कुकर्म व हत्या की सजा अदालत ने तय कर दी है। स्पीडी ट्रायल के तहत हुई सुनवाई के बाद एडीजे सात (विशेष अदालत पॉक्सो एक्ट) की अदालत ने आरोपी बलिराम सिंह को दोषी करार देते हुए फांसी की सजा के साथ ही 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। इसके साथ ही पीड़ित पक्ष को 8 लाख सरकारी मुआवजा देने का फैसला भी सुनाया है।

मृत बच्ची की दादी ने दर्ज कराई थी प्राथमिकी

दरअसल 14 नवंबर 2020 को बलिराम सिंह ने लक्ष्मी-गणेश की फोटो दिखाने के बहाने नाबालिक को अपने घर ले गया और वहां जबरन दुष्कर्म किया। अपने कुकृत्य को छिपाने की नीयत से उसने नाबालिग की हत्या कर लकड़ी के बक्से में लाश छुपा दी। इस घटना को लेकर नाबालिग की दादी शशि कला ने डालमियानगर थाने में आईपीसी की धारा 376ए/376बी/302/201 एवं पॉक्सो एक्ट 2012 की धारा 06 के तहत डालमियानगर थाना कांड संख्या 888/20 दर्ज कराया था।

दुष्कर्म व हत्याकांड से पहले भी कई अपराध कर चुका था बलिराम

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नाबालिक के साथ दुष्कर्म कर साक्ष्य को मिटाने के उद्देश्य से डेड बॉडी को अपने घर के लकड़ी के बक्से में बंद करने वाले बलिराम सिंह का डालमिया नगर थाने में अपराधिक इतिहास दर्ज है। बलिराम सिंह के विरुद्ध दर्ज अपराधिक इतिहास की चर्चा पुलिस ने नाबालिग से दुष्कर्म के बाद हुई हत्या कांड की केस डायरी में पैराग्राफ 81 में की है। यानि नाबालिग से दरिंदगी से पहले भी वह कई वारदातों को अंजाम देने वाला पेशेवर अपराधी रह चुका है।

केस की आखिरी सुनवाई के दिन कोर्ट में बैठे अधिवक्ता व पीड़ित पक्ष।

केस डायरी के मुताबिक आरोपी बलिराम सिंह उर्फ मुन्ना के विरुद्ध डालमिया नगर थाने में IPC की धारा 341/323/354/504/ 34 के तहत थाना कांड संख्या 301/98 दर्ज है। इसके साथ ही IPC की धारा 341/323/ 379/307और 34 के तहत दर्ज थाना कांड संख्या 349/98 और मद्य निषेध अधिनियम की धारा 37 ए बी सी के तहत दर्ज थाना कांड संख्या 125/18 सहित IPC की धारा 323/ 448/ 427/504/506 के तहत दर्ज थाना कांड संख्या 88/20 दर्ज है ।

फॉरेंसिक व पुलिसिया जांच ने आरोपी को पहुंचाया फांसी की सजा तक

पॉक्सो एक्ट में दर्ज इस केस के जांच अधिकारी रहे इंस्पेक्टर देवराज राय के मुताबिक इस मामले में पुलिस ने भी काफी गंभीरता से जांच की थी। पुलिस ने फॉरेंसिक टीम के साथ पीड़िता के कपड़ा सहित आरोपी के कपड़े जप्त किए थे। इसके साथ ही फॉरेंसिक जांच के लिए प्रदर्श के रूप में मृत नाबालिक के खून का घटना स्थल से लिये गये सैंपल और पीड़िता के बॉडी से लिए गए सैंपल की जांच कराई। इन दोनों सेंपल में समानता पाई गई थी।

पुलिस की गिरफ्त में रेप व हत्याकांड का अभियुक्त बलिराम सिंह।
पुलिस की गिरफ्त में रेप व हत्याकांड का अभियुक्त बलिराम सिंह।

इसके अलावा मृतका के कपड़े और आरोपी के कपड़े से लिए गए सीमेन के सैंपल भी समानता पायी गयी थी। पुलिस ने पीड़िता को नाबालिग साबित करने के लिए प्रमाण पत्र के तौर पर विद्यालय से जन्म प्रमाण पत्र भी उपलब्ध करते हुए कांड के अनुसंधान में समर्पित किया है। घटना वैज्ञानिक और मैनुअल दोनों ही तरीके से सही साबित हुई थी।

अदालत में पेश हुए 11 गवाह, 55 तारीखें भी पड़ी, 8 माह बाद फैसला

पूरे मामले में सुनवाई के दौरान पुलिस की ओर से 11 लोगों की गवाही समर्पित की थी, जो स्पीडी ट्रायल के तहत कोई न्यायिक कार्रवाई में भी अपनी गवाही पर अडिग रहे। इसके साथ ही पॉक्सो एक्ट के विशेष लोक अभियोजक हीरा प्रताप सिंह ने अभियोजन पक्ष को मजबूती स्पीडी ट्रायल के दौरान रखा। कुल 55 तारीखों पर हुई सुनवाई के दौरान आरोपी को फांसी की सजा दिए जाने से अभियोजन पक्ष सहित पुलिस के प्रति पीड़ित परिवार ने आभार व्यक्त करते हुए न्यायिक फैसले का स्वागत किया है।

इसे भी देखें : डेहरी में रेप के बाद नाबालिग की हत्या, सासाराम में गोली मारकर नर्तकी की जान ली

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