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जिंदा मरीज का बना दिया डेथ सर्टिफिकेट, पॉलीथिन में लपेटकर सौंपा दूसरे का शव

राज्य के सबसे बड़े अस्पताल पीएमसीएच का कारनामा

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शवदाह गृह में पैसे देकर देखा पति का चेहरा तो बदल गया माजरा

पटना ( voice4bihar desk ) । लापरवाह सिस्टम ने जीवित मरीज का न केवल डेथ सर्टिफिकेट बना दिया बल्कि किसी का शव भी थमा दिया। कोरोना के नाम पर शव का मुंह तक देखनी की मनाही थी। वह तो भला हो पत्नी की जिद का कि उसने आखिरी बार चेहरा देखने कि ठानी और विधवा कहाने से बच गयी। घटना राजधानी पटना स्थित पीएमसीएच की है।

लापरवाही उजागर होने पर हेल्थ मैनेजर बर्खास्त

लापरवाही की बात सामने आने पर प्रधान स्वास्थ्य सचिव ने हस्तक्षेप किया तब जाकर अस्पताल की हेल्थ मैनेजर अंजलि कुमारी को बरखास्त कर दिया गया। अस्पताल की कार्यप्रणाली शक के घेरे में आने पर अब परिजन अस्पताल की उस जांच रिपोर्ट को भी मानने को तैयार नहीं हैं जिसमें मरीज को कोरोना संक्रमित बताया गया है।

मौत की सूचना पर घर में मचा कोहराम

बाढ़ के 45 वर्षीय चुन्नू कुमार को ब्रेन हेमरेज होने के बाद नौ अप्रैल को पीएमसीएच में भर्ती कराया गया। मानक के अनुसार भर्ती करने के पहले इन दिनों मरीज की कोरोना जांच की जा रही है। पीएमसीएच में चुन्नु की कोरोना जांच हुई तो वह संक्रमित पाया गया। इसके बाद उसे कोरोना वार्ड में भर्ती कर लिया गया। रविवार की सुबह में परिजनों को मरीज की मौत की सूचना दी गयी। इसके बाद परिवार में कोहराम मच गया। परिजन दौड़ते-भागते अस्पताल पहुंचे।

शव का मुंह देखने के लिए मिन्नत करती रही पत्नी, कोरोना प्रोटोकॉल के कारण किया इनकार

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यहां कोरोना के लिए तय गाइडलाइन के अनुसार मृत मरीज के शव को पॉलीथिन बैग में लपेटकर अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया गया। साथ में चुन्नु कुमार की डेथ सर्टिफिकेट भी दी गयी। हालांकि शव को पैक किये जाने के पहले चुन्नु की पत्नी ने आखिरी बार पति का मुंह दिखाने का अनुरोध अस्पताल के कर्मियों से किया पर उन्होंने ऐसा करने से मना कर दिया। इधर पति के आखरी दर्शन की तमन्ना लिए पत्नी बांस घाट के विद्युत शवदाह गृह तक पहुंच गयी। पत्नी ने वहां भी शवदाह गृह के कर्मचारी से पति का मुंह दिखाने की अपील की लेकिन सफलता नहीं मिली।

पीएमसीएच में भर्ती मरीज चुन्नू का भाई व पत्नी।

पत्नी ने कहा- यह शव मेरे पति का नहीं

अंत में उसने शवदाह गृह के कर्मी को इसके एवज में पैसे देने की पेशकश की तो वह तैयार हो गया। शव का चेहरा देखते ही पत्नी के चेहरे के हावभाव बदलने गये। उसे समझ नहीं आ रहा था कि शव किसी और होने की बात से वह खुश हो अथवा अनजान ही सही, किसी की मौत होने पर वह रोए। खैर, थोड़ा संभलने के बाद उसने कहा कि ये उसके पति नहीं हैं। इतना स़ुनते ही पूरे बांस घाट में अफरा तफरी मच गयी।

माजरा सामने आने पर हिल गया स्वास्थ्य महकमा

खबर पीएमसीएच से लेकर, पटना के जिलाधिकारी और प्रधान स्वास्थ सचिव तक पहुंच गयी। पूरा स्वास्थ्य महकमा हिल गया। पीएमसीएच प्रबंधन ने अपने स्तर से मामले की जांच की तो इसमें अस्पताल की हेल्थ मैनेजर अंजलि कुमारी को दोषी पाया गया। जांच रिपोर्ट प्रधान स्वास्थ्य सचिव को भेजी गयी तो उनकी ओर से हेल्थ मैनेजर को बरखास्त करने का आदेश आ गया। इसके बाद हेल्थ मैनेजर को तत्काल बरखास्त कर दिया गया।

चुन्नू का कोरोना वार्ड में चल रहा इलाज, स्थिति में हो रहा सुधार

इधर, परिजन इस बात से बेचैन थे कि उनके हाथ में जिस चुन्नू कुमारा का डेथ सर्टिफिकेट है वह किस हाल में है। अस्पताल प्रबंधन के सहयोग से जब वे कोरोना वार्ड में भर्ती मरीजों में से चुन्नू की तलाश में पहुंचे तो उनका चुन्नू अपने बेड पर बैठा स्वास्थ्य लाभ करता दिखा। अस्पाल प्रबंधन का कहना है कि उसकी स्थिति में सुधार हो रहा है।

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