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कोरोना वैक्सीन के दोनों डोज लेने के दो दिन बाद दो लोगों की मौत

अररिया के स्टेशन चौक के ईटहरा का मामला, एक ही मोहल्ले के थे दोनों शख्स

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जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी ने की जांच, मौत की असली वजह अभी पुष्ट नहीं

अररिया/जोगबनी (voice4bihar news)। अररिया जिला मुख्यालय में 24 घंटे के अंदर दो ऐसे व्यक्तियों की मौत का मामला सामने आया है, जिन्होंने कोरोना वैक्सीन के दोनों डोज ले लिए थे। दोनों ही शख्स अररिया के स्टेशन चौक स्थित वार्ड संख्या 7 के ईटहरा के निवासी थे। इनमें से एक 71 वर्षीय कुम्हिया देवी है तो दूसरी 62 वर्षीय रामबिलास चौधरी हैं। दोनों ही परिवार के लोगों ने मौत की वजह ऑक्सीजन लेबल का कम होना बताया है। एक साथ हुई दो मौत से जिले में दहशत का माहौल है।

दो लोगों की मौत के मामले की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। सिविल सर्जन ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को भेज कर जांच करने को कहा है। हालांकि यह कहना संभव नहीं कि दोनों शख्स की मौत की असली वजह क्या थी। कोरोना वैक्सीन लेने के बाद दोनों की मौत महज एक संयोग भी हो सकता है।

सात मई को वैक्सीन की दूसरी डोज ली, अचानक हुई मौत

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71 वर्षीय कुम्हिया देवी ने कोरोना वैक्सीन का दूसरा डोज 7 मई को लिया था। परिवार जन के अनुसार इनकी तबीयत बिलकुल ठीक थी लेकिन रविवार की रात जो सोने गयी तो फिर कभी नहीं उठी। वहीं 62 वर्षीय रामबिलास चौधरी ने बीते दो मई को वैक्सीन का दूसरा डोज लिया था। वैक्सीनेशन के बाद भी स्वास्थ्य लगातार बिगड़ने के बाद रविवार को सदर अस्पताल में एक घंटे तक के लिए ऑक्सीजन पर रखा गया। थोड़ी सी तबीयत सुधरी तो परिजन उन्हें घर ले कर आ गए थे। इसी बीच सोमवार को शौच के दौरान हांफते हुए इन्होंने दम तोड़ दिया।

जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी ने की दोनों घटनाओं की जांच

सिविल सर्जन डॉक्टर एमपी गुप्ता के निर्देश पर दोपहर बाद स्वास्थ्य विभाग की एक जांच टीम इटहरा पहुंची। जांच टीम में जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. मो. मोइज, अररिया पीएचसी प्रभारी डॉ आशुतोष कुमार शामिल थे। डॉ. मोईज ने बताया कि रामबिलास चौधरी की कोविड 19 से ही मृत्यु होने की संभावना है। उन्हें रविवार को सदर अस्पताल में ऑक्सीजन लगाया गया तो परिजनों को घर नहीं लाना चाहिए था। वैक्सीनेशन की दूसरी डोज के दो हफ्ते बाद ही शरीर बीमारी से लड़ने लायक तैयार होता है।

उन्होंने बताया कि कोरोना वैक्सीन लेने के बाद भी सभी कोविड प्रोटोकॉल का पालन जरूरी है। संभवतया एंटीबॉडी बनने से पहले ही वे संक्रमण का शिकार हो गए। एहतियात के तौर पर परिवार के अन्य लोगों की जांच कराई जाएगी। दूसरी ओर कुम्हिया देवी के मामले में उन्होंने कहा कि परिवार से पता चला है, वो बिलकुल ठीक थीं। कुछ हुआ नहीं, फिर भी डेथ हो गई। ऐसा होता है, अचानक कभी सोते हुए हार्टअटैक हो जाता है, ब्रेन हैमरेज हो जाता है। जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।

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