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थानेदार की मॉब लिंचिंग पर भाई ने किया सवाल, अकेले मेरे भाई पर ही क्यों हुआ हमला?

छोटे भाई ने लगाया साजिश के तहत हत्या कराने का आरोप

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 छापेमारी टीम में शामिल सभी पुलिसकर्मियों की हो जांच

पश्चिम बंगाल में मामला चलाने की बजाए किशनगंज ट्रांसफर कराया जाए केस

किशनगंज (voice4bihar news)। किशनगंज थानाध्यक्ष अश्विनी कुमार की पश्चिम बंगाल में हुई मॉब लिंचिंग के मामले में मृतक एसएचओ के परिजनों ने किशनगंज पुलिस पर नाराजगी जाहिर की। यहां पुलिस लाइन आकर घंटों विरोध करते रहे और थानाध्यक्ष के शव को उठाने से इंकार कर दिया। परिजनों के नाराजगी को देखते हुए आईजी, डीएम, एसपी, स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने मृतक के परिजनों को लेकर घंटों तक बैठक कर परिजनों को मनाने में लगे थे।

काफी मान-मनौव्वल के बाद परिजन किसी तरह मान गए लेकिन एक बार फिर परिजनों ने शव ले जाने से इंकार कर दिया। आरोप था कि मृत्यु संबंधी कोई भी कागजात नहीं दिया है। जिसके बाद आनन-फानन में पुलिस प्रशासन ने मृत्यु प्रमाण पत्र और अन्य कागजात परिजनों को दिया। इसके बाद ही परिजन शव को एम्बुलेंस में लेकर पूर्णिया के लिए रवाना हुए।

अपनी बात रखते शहीद थानेदार के परिजन।

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छापेमारी में गए अन्य पुलिसकर्मियों को क्यों नहीं आई खरोच?

उधर मृतक एसएचओ के छोटे भाई प्रवीण कुमार ने किशनगंज पुलिस की कार्यशैली व यहां की विधि व्यवस्था पर सवालिया निशान लगाया। उन्होंने बताया कि हम लोग गांव में थे। आज सुबह 7 बजे फोन पर भाई की मौत की खबर दी गयी, जिसके बाद हम लोग किशनगंज के लिए रवाना हो गए। उन्होंने सपाट सवाल किया कि भैया के साथ जब इतने पुलिस फोर्स थे, पुलिस अधिकारी थे, उनको कुछ नहीं हुआ और एक अकेला मेरे भाई पर ही हमला क्यों हुआ? पूरी पुलिस टीम के रहते मेरे भाई की मॉब लिंचिंग हो गयी?

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साथी पुलिसकर्मी पर भी जताया साजिश में शामिल होने का आरोप

इस बीच पूर्णिया प्रक्षेत्र के आईजी के आश्वासन पर कहा कि आश्वासन से क्या होगा? हर किसी के साथ इस तरह की घटना होती है तो हर किसी को इसी तरह का आश्वासन मिलता है। उसने कहा कि हमारी मांग है कि पूरी घटना की तफ्सील से हर बिंदु पर जांच होनी चाहिए और साथ में जो पुलिस पदाधिकारी और फोर्स थे, उनके खिलाफ भी जांच होनी चाहिए। कहीं इस घटना में उनकी संलिप्तता तो नहीं है?

प्रवीण ने यह भी कहा कि बंगाल पुलिस पर भी जांच होनी चाहिए। इस केस को पश्चिम बंगाल से ट्रांसफर कर किशनगंज थाने में मामला दर्ज कर केस चलना चाहिए। वहीं मृतक के दूसरे भाई मनीष कुमार ने बताया हम लोगों को संदेह हो रहा है कि हमारे भाई साहब कैसे आगे चले गए। उनके साथ साजिश कैसे हो गयी? उनके साथ जो भी थे उनका कॉल डिटेल्स खंगाला जाए।

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