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बैंक ग्राहकों की जमा पूंजी हड़प कर शेयर मार्केट में दाव लगाता था बैंक मैनेजर

लिंक फेल के बहाने बैंक मैनेजर ने ही उड़ा लिये ग्राहकों के करोड़ों रुपये

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बक्सर में ग्रामीण बैंक से रकम उड़ाने वाला पूर्व बैंक मैनेजर भेजा गया जेल

पटना/बक्सर (Voice4bihar news)। आम तौर पर लोग बैंक में इसलिए पैसे रखते हैं कि उनका धन सुरक्षित रहेगा लेकिन जब बैंक के खाते से बैंक वाले ही रुपये गायब करने लगे तो फिर किस पर भरोसा करें?बिहार के बक्सर जिले में एक बैंक के मैनेजर ने गबन का ऐसा फंडा इस्तेमाल किया, जिसे सुनकर पुलिस भी हैरान रह गयी। बैंक ग्राहकों के करोड़ों रुपये के गबन का यह मामला जिले के आशा पड़री स्थित दक्षिण बिहार ग्रामीण बैंक शाखा में हुई, जहां बैंक मैनेजर ही ग्राहकों की गाढ़ी कमाई पर कई माह से डाका डाल रहा था। वह लिंक फेल का बहाना बनाकर ग्राहकों के खाते से रुपये गायब कर लेता था और इसे शेयर मार्केट में लगाता था। यह सारा भेद तब खुला जब पूर्व बैंक मैनेजर को गिरफ्तार कर पुलिस ने पूछताछ की।

खाते से रकम निकासी का आया मैसेज तो रात भर बेचैन रहे ग्राहक

दरअसल सिमरी प्रखंड अंतर्गत आशा पड़री स्थित दक्षिण बिहार ग्रामीण बैंक शाखा में विगत कई माह से यह गोरखधंधा चल रहा था। खाताधारकों को उम्मीद थी कि बैंक में उनकी रकम संचित है लेकिन इस बीच करोड़ों रुपये खाते से गायब हो गये। अवैध निकासी की जानकारी कुछ खाताधारकों की तब हुई जब उनके खाते से जुड़े मोबाइल नंबर पर रात्रि के समय पैसे निकासी का मैसेज आने लगा। कई लोगों की रात की नींद हराम हो गयी और सुबह होते ही लोग बैंक पहुंचने लगे।

खाते में जमा-निकासी का ब्योरा देख ग्राहकों के उड़े होश

अपने नियत समय पर बैंक खुला तो ग्राहकों ने बैंककर्मियों से खाते का डिटेल मांगा। जिन खाते में लाखों रुपये जमा थे उनमें कम राशि होने की बात सुनते ही उनके होश उड़ गये। ऐसा कई ग्राहकों के साथ हुआ। अब लोगों को यकीन हो गया कि रात्रि में पैसे निकासी का मैसेज आना उनका भ्रम नहीं था। यह खबर आसपास के गांवों तक फैली तो बैंक में भीड़ बढ़ने लगी और हंगामा शुरु हो गया। बाद में दो दर्जन खाताधारकों ने थाने में शिकायत दर्ज कराई।

पूर्व बैंक मैनेजर के खाते में ट्रांसफर हुई रकम

उधर बैंक फ्रॉड की जानकारी मिलने पर वर्तमान शाखा प्रबंधक धर्मेंद्र कुमार ने अपने स्तर से जांच की। उन्होंने मीडियाकर्मियों को बताया कि ये सभी रकम पूर्व बैंक मैनेजर रविशंकर कुमार के खाते में ट्रांसफर हुई है। विगत दो दिनों से शाखा का कार्यभार संभाल रहे धर्मेंद्र कुमार ने वरीय अफसरों तक बात पहुंचाई और फिर मामले की तहकीकात शुरु हो गयी।

पटना में गिरफ्तार हुआ घोटालेबाज पूर्व बैंक मैनेजर

जांच में दोषी पाये जाने गए पूर्व बैंक मैनेजर रविशंकर कुमार को शनिवार की रात में पुलिस ने पटना के बोरिंग रोड स्थित आवास से गिरफ्तार कर लिया। उसके बाद बक्सर लाकर पुलिस ने पूछताछ के बाद सोमवार को जेल भेज दिया। बक्सर एसपी नीरज कुमार सिंह ने बताया कि पूर्व बैंक मैनेजर रविशंकर कुमार ने खाताधारकों के करोड़ों रुपये गबन करने की बात स्वीकार कर ली है। पूछताछ के दौरान रविशंकर ने बताया कि ग्राहकों को लिंक फेल का बहाना बनाकर टरका देता था और उनके खाता से 1.09 करोड़ गायब कर लिये।

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कम समय में अधिक पैसे कमाने के लालच में पहुंचा जेल

सोमवार को प्रेसवार्ता में एसपी ने बताया कि गबन के आरोपी बैंक मैनेजर की गिरफ्तारी के दौरान उसके आवास से 82 हजार रुपये कैश बरामद हुए हैं। इसके अलावा उसके खाते में लगभग 63 लाख रुपये फ्रिज कर दिये गए हैं। दरअसल कम समय में अधिक पैसे कमाने की ललक से रविशंकर कुमार इस तरह का कुकृत्य करीब एक साल पहले से करता आ रहा था। वह ग्राहकों के खाते में जमा राशि को अपनी पत्नी, पिता व अन्य रिश्तेदारों के खातों में ट्रांसफर करता था।

शेयर मार्केट में निवेश करता था रुपये

बैंक मैनेजर रविशंकर का शातिराना अंदाज तक देखने को मिलता था, जब खाते से रकम कटौती की शिकायत लेकर लोग बैंक पहुंचते थे। जब कोई बैंक ग्राहक यह दावा करता था कि उसके खाते से रकम निकाले जाने का मैसेज आया है तो बैंक मैनेजर लिंक फेल का बहाना बनाकर टरका देता था और खाते का ब्योरा नहीं देता था। एसपी ने बताया कि ग्राहकों के खाते से गायब की गयी रकम का एक बड़ा भाग व शेयर मार्केट में दाव पर लगाता था।

जांच कमेटी ने रविशंकर कुमार को पाया दोषी

बताया जाता है कि जब तक रविशंकर कुमार आशा पड़री ब्रांच का मैनेजर रहा, तब तक यूं ही मनमानी करता रहा। मामले का भेद तब खुला जब उसका तबादला दूसरी शाखा में हो गया। शिकायत लेकर पहुंचे ग्राहकों की बात नए मैनेजर ने सुनी और जांच के लिए अनुरोध किया। बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक भभुआ ने मामले की तहकीकात के बाद रविशंकर को गबन का दोषी पाया। 31 मई को बैंक मैनेजर रविशंकर कुमार को निलंबित कर दिया गया। तीन जून को बैंक मैनेजर समेत चार लोगों पर एफआईआर दर्ज की गयी।

क्या इतने बड़े घोटाले में अकेले बैंक मैनेजर ने अंजाम दिया?

यहां सवाल उठता है कि क्या अकेले मैनेजर ने ही इतना बड़ा गबन कर लिया? अथवा इसमें बैंक कर्मचारियों का भी हाथ था? इस बारे में पुलिस अभी कुछ कहने की स्थिति में नहीं है। एसपी ने बताया कि अब तक एक करोड़ रुपये की हेराफेरी सामने आई है। अभी बैंक के अधिकारी व पुलिस टीम की पड़ताल जारी है। जैसे कुछ अन्य कि जानकारी मिलेगी खुलासा किया जायेगा।

एक शिक्षक के खाते में भी भेजे थे लाखों रुपये, उसे भी किया गया फ्रिज

गबन के आरोप में गिरफ्तार मैनेजर के सभी बैंक खातों को फ्रिज कर दिया गया है। हैरानी की बात है कि इनमें एक शिक्षक का भी है जिसके खाते में प्रबंधक ने कई बार रकम भेजी। अभी इस खाते में लगभग 40 लाख रुपये पड़े हैं। इसके अलावा मैनेजर के कई रिश्तेदारों के खाते पर भी पाबंदी लगाई गयी है। बताया जाता है कि जितने भी खाते में बैंक मैनेजर ने रकम भेजी थी, उन सबके खाताधारकों से जानकारी मांगी जा रही है। जरुरत पड़ी तो उन्हें गिरफ्तार भी किया जा सकता है।

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