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900 में से 36 लोगों की जांच कर गांव को किया संक्रमण मुक्त घोषित

लोक गायिका नेहा सिंह ने स्वास्थ्य विभाग के दावे को बताया हास्यास्पद, गांव में कोरोना से मरने वालों के नाम गिनाये

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पटना (voice4bihar desk)। बिहार के गांवों में फैले कोरोना संक्रमण को लेकर राज्य का स्वास्थ्य विभाग कितना संवेदनशील है इसे गांव जन्दहां के प्रकरण से समझा जा सकता है। गांव जन्दहां कैमूर जिले के रामगढ़ प्रखंड में स्थित है। यह बिहार की चर्चित लोक गायिका नेहा सिंह राठौड़ का गांव है। नेहा सिंह की मां चंपा देवी खुद कोरोना से पीड़ित होकर ठीक हुईं हैं। उनका इलाज कैमूर सदर अस्पताल और नारायणा मेडिकल कॉलेज में हुआ।

नेहा के ट्वीट करने पर राजद विधायक ने गांव में भिजवायी मेडिकल टीम

नेहा का कहना है कि उनके गांव में सात लोगों की मौत कोरोना से हो चुकी है और 50 से ज्यादा लोग बीमार हैं। 19 मई को उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और नेता विपक्ष तेजस्वी यादव को ट्वीट करते हुए लिखा कि गांव में ऑक्सीमीटर और बुखार- खांसी के प्राथमिक उपचार तक की दवा नहीं है। हमारी सहायता करें। जिला प्रशासन अथवा स्वास्थ्य विभाग पर इस ट्वीट का असर नहीं हुआ लेकिन रामगढ़ के राजद विधायक सुधाकर सिंह ने नेहा को आश्वस्त किया कि अगले दिन गांव में मेडिकल टीम जायेगी और कोविड संक्रमण के रोकथाम के लिए बुनियादी काम करेगी।

नेहा सिंह राठौड़ के गांव में लोगों की कोरोना जांच करती स्वास्थ्यकर्मी।

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अगले दिन अर्थात 20 मई को मेडिकल टीम गांव पहुंची। गांव में आम तौर पर जो दिक्कत होती है वह दिक्कत इस गांव में भी हुई। गांव के लोग कोरोना जांच कराने के लिए मेडिकल टीम के सामने पहुंचे ही नहीं। बड़ी मुश्किल से 36 लोगों की जांच मेडिकल टीम ने की। इन 36 लोगों की एंटीजेन जांच में कोई भी पॉजिटिव नहीं आया। यानी किसी में कोरोना की पुष्टि नहीं हुई।

इसी आधार पर जिला स्वास्थ्य विभाग ने पूरे गांव को कोरोना मुक्त घोषित कर दिया। अखबारों में स्वास्थ्य विभाग के हवाले इस आशय की खबर भी छप गयी। नेहा सिंह ने स्वास्थ्य विभाग के इस रुख पर कड़ी आपत्ति जतायी। उन्होंने कहा कि 900 की जनसंख्या वाले मेरे गांव के 36 लोगों की जांच कर बिहार प्रशासन ने पूरे गांव को कोरोना मुक्त बता दिया है। मतलब कि इन 36 लोगों को कोरोना नहीं है मतलब किसी को कोरोना नहीं है। नेहा सिंह ने गांव में कोराना से मरने वाले छह लोगों के नाम भी गिनाये। इनमें गामा सिंह, इजुरी यादव, बिरेंदर यादव की पत्नी, रामदयाल की मां, अलियार राम और बाजा चौधरी की मां शामिल हैं।

स्वास्थ्य विभाग के हवाले से छपी खबर पर नेहा ने अखबार को भी लिया निशाने पर

नेहा ने अखबार में छपी खबर पर विशेष नाराजगी जतायी है। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन की अपनी मजबूरियां होंगीं पर अखबार ऐसा क्यों कर रहा है। अखबारों को जनता की आवाज बनना चाहिए न कि सरकार का भोंपू। साथ ही उन्होंने कहा कि कोरोना से होने वाली मौतों के सरकारी आंकड़ों की कहानी किसी से छिपी नहीं है। उत्तर प्रदेश में 1600 से अधिक प्राइमरी अध्यापकों की मौत हुई जिसे प्रशासन तीन बता रहा है। बाकी असली तस्वीर तो नदियों में बह रही लाशें ही दिखा रहीं हैं। अंत में उन्होंने व्यंग्य करते हुए एक अखबार का नाम लेते हुए कहा, बहुत अच्छा अखबार है, समौसे का पूरा तेल सोख लेता है।

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