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भारत-नेपाल बॉर्डर पर 28 नरकंकाल व मानव की खोपड़ी बरामद

मानव खोपड़ी व अन्य अंगों से भरी गाड़ी भारत से जा रही थी नेपाल, सीमा के उस पार धरायी

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बॉर्डर पार करते ही नेपाल सशस्त्र पुलिस बल ने जांच के दौरान पकड़ा

भारत के सशस्त्र सीमा बल को दे गए चकमा, सीमा सुरक्षा पर उठे सवाल

राजेश कुमार शर्मा की रिपोर्ट

जोगबनी (voice4bihar news)। भारत नेपाल सीमा पर मानव की 28 खोपड़ी व अन्य मानव अंगों से भरी एक गाड़ी पकड़े जाने से सनसनी फैल गयी। सोमवार की रात करीब 08:00 बजे अररिया जिले को जोगबनी की तरफ से नेपाल में प्रवेश कर रही नेपाली नंबर की रुति वैन को नेपाल सशस्त्र पुलिस बल ने पकड़ा है। बोर्डर के दो नंबर वेरियर के सैमी जांच के क्रम में मानव अंग के जैसे दिखने वाली सामग्री बरामद की गयी। मानव अंगों की तस्करों में लिप्त वैन चालक समेत दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया।

बताया जाता है कि पहले तो गाड़ी में जानवर के अंग होने का अंदेशा जताया गया था। एसपी तोर्थ पौडेल ने बताया कि बरामद कंकाल पहले कछुआ की हड्डी एवं वन्य जन्तु के अंग होने का अंदेशा जताया गया था लेकिन लैब टेस्ट के बाद मानव अंग होने की पुष्टि हुई है। इस पर सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े हो गए। विराटनगर महानगरपालिका अंतर्गत इस्लामपुर रानी के रहने वाले ड्राइवर विनोद राय और झापा जिले के दसक निवासी युवराज कार्की ( 43 ) को पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस कार्यालय रानी में दोनों से पूछताछ की जा रही है।

रात आठ बजे बॉर्डर पार कर रहे वाहन की नहीं होती जांच !

जोगबनी से रात्रि 08:00 बजे नेपाल में प्रवेश कर रहे नेपाली नम्बर के मारुति वैन की डिक्की से विराटनगर भंसार कार्यालय के दो नंबर बेरियर से नेपाल पुलिस ने इस गाड़ी को पकड़ा जबकि भारत को सीमा में इसकी जांच नहीं हुई । ऐसे में सवाल उठने लगा है कि क्या जोगबनी के मुख्य नाका से आवाजाही करने वाले वाहनों की जांच नहीं होती ? वह भी रात के समय जिस समय लोगों की आवाजाही बिल्कुल नगण्य रहती है।

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28 नरकंकाल कैसे हो गए अंतरराष्ट्रीय सीमा के पार?

नेपाल सशस्त्र पुलिस के एसपी तीर्थ पौडेल के अनुसार संदिग्ध अवस्था में रात्रि के समय नेपाल में प्रवेश किये वैन को जांच के लिए रोका गया तो गाड़ी का चालक चकमा देकर फरार हो गया। गाड़ी में 28 कंकाल मिले हैं। डिविजन वन कार्यालय मोरंग के सहायक वन अधिकृत परमेश्वर पासवान ने कहा कि वन कार्यालय के वन्यजन्तु विज्ञ ने जांच में मानव कंकाल व अन्य अंग होने की बात कही। यह दावा तब सही साबित हुआ जब लैब परीक्षण के बाद मानव कंकाल होने की पुष्टि हुई।

क्या कहते हैं आलाधिकारी!

नेपाल शस्त्र पुलिस बल पकली वाहनी के डीआईजी कमल गिरी ने बताया कि सीमा पार से मानव अंग की तस्करी की सूचना आ रही थी। इसी को लेकर जांच की जा रही थी। जिसके बाद सोमवार रात्रि आठ बजे जोगबनी से नेपाल भंसार में प्रवेश किये वैन को जब जवानों ने रोका तो उसका ड्राइवर गाड़ी से कूद कर भाग गया। जांच में पता चला कि तस्करी में प्रयुक्त वाहन का नंबर भी फर्जी है।

संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर पर सुरक्षा में चूक कहीं पड़ न जाए भारी!

भारत-नेपाल के बीच अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित जोगबनी बॉर्डर सीमा हमेशा से अति संवेदनशील रहा है। इस अंतरराष्ट्रीय सीमा के रास्ते भारत में प्रवेश करने वाले दर्जनों भारत विरोधी तत्व अभी पूर्णिया सहित अन्य जेलों में कैद हैं । दूसरी तरफ नेपाल भी पिछले दिनों यह आशंका जाहिर कर चुका है कि तालिबानी आतंकी संगठन के लोग नेपाल में घुसने की फिराक में हैं। वे अफगानी शरणार्थी के रूप में आकर नेपाली की भूमि का प्रयोग कर पड़ोसी देशों में अराजक गतिविधियों को अंजाम दे सकते हैं।

पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई का गुर्गा भी पकड़ाया था नेपाल में

पिछले दिनों आईएसआई के गुर्गे की गिरफ्तारी के बाद बिहार में बड़ी घटना को अंजाम देने की साजिश का पर्दाफाश हुआ था, जिसके बाद एसएसबी मुख्यालय ने सभी सीमा पर विशेष चौकसी बढ़ाने का निर्देश जारी किया था। इस बीच बॉर्डर इलाके में सीमा सुरक्षा में लगे सभी बीओपी कंपनी को अलर्ट पर रहने का दावा एसएसबी पूर्णिया रेंज के डीआईजी संजय कुमार सारंगी करते रहे, लेकिन तमाम सतर्कता के बावजूद नरकंकाल लदा वाहन की सीमा सुरक्षा को चकमा देने में कामयाब रहा।

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