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पंचायत चुनाव से पहले ही बर्खास्त हो चुके रोहतास के 14 मुखिया, कई पर लटकी तलवार

निश्चय योजना में लूट-खसोट के चक्कर में गंवानी पड़ रही मुखियागिरी

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  • रोहतास में राशि के दुरुपयोग के आरोप में फिर बर्खास्त किये गए चार पंचायतों के मुखिया
  • जिले के चेनारी में 10 व कोचस प्रखंड में अबतक चार मुखिया हुए पदमुक्त
  • राज्य के विभिन्न जिलों के दर्जनों मुखिया हो चुके बर्खास्त, कई पर लटकी तलवार

पटना/सासाराम (voice4bihar news)। राज्य की विभिन्न पंचायतों में चुनकर आये मुखिया जहां पांच साल का कार्यकाल पूरा करने के साथ ही अगली बार भाग्य आजमाने की कोशिश में लगे हैं वहीं वित्तीय गड़बड़ी करने वाले मुखियों पर लगातार गाज गिर रही है। इन पर सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में लूट खसोट व अन्य गड़बड़ी के आरोप लगे हैं। पंचायती राज विभाग की ओर से हो रही कार्रवाई की जद में सबसे अधिक रोहतास जिले के मुखिया आए हैं। ताजा बर्खातगी को मिलाकर फरवरी माह में अबतक रोहतास जिले के14 मुखिया बर्खास्त किये जा चुके हैं। पंचायत चुनाव के ऐन पहले हुई इस कार्रवाई से इनके सियासी भविष्य पर भी प्रश्न चिन्ह लग गया है।

बृहस्पतिवार को भी सरकारी राशि के दुरूपयोग में जिले के कोचस प्रखंड के चार मुखिया पर कार्रवाई करते हुए पद से विमुक्त कर दिया गया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की महत्वाकांक्षी योजना सात निश्चय के तहत प्रखंड की विभिन्न पंचायतों में चल रहे विकास कार्यों में राशि के दुरुपयोग के मामले में यह गाज गिरी है। इसमें कोचस प्रखंड के चार मुखिया को पंचायती राज अधिनियम की कंडिका 18 (5) के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें पद से विमुक्त कर दिया गया है ।

जिला पंचायती राज पदाधिकारी अजय शंकर मिश्र ने मीडियाकर्मियों को बताया कि मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना के कार्यों में राशि के दुरुपयोग एवं कार्य में अनियमितता के मामले में बर्खास्त किया गया है। यह पंचायती राज विभाग के पर मुख्य सचिव के निर्देश पर की गयी है । आज जिन मुखिया पर गाज गिरी है उनमें रेड़िया पंचात के मुखिया राम नारायण सिंह , चितांव पंचायत के मुखिया उमेश सिंह , चितैनी पंचायत की मुखिया गीता देवी एवं नउआं पंचायत के मुखिया रामाकांत शाह शामिल है ।

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उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व भी निभाग ने कार्य में अनियमितता बरतने के आरोप में चेनारी प्रखंड के 10 मुखिया पर कार्रवाई की थी। विभाग की इस सख्ती के बावजूद कई पंचायतों में लगातार विकास कार्यों में अनियमितता सामने आ रही है । कुछ पंचायतों की अभी जांच चल रही है। सूत्रों ने बताया कि कार्यमुक्त होने वाले मुखिया की फेहरिश्त में अभी कई नाम शामिल हो सकते हैं। इनमें एक नाम बिक्रमगंज की मोरौना पंचायत के मुखिया का भी आ रहा है।

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चेनारी व कोचस प्रखंड के बाद अब बिक्रमगंज की बारी!

मुख्यमंत्री सात निश्चयय योजना के तहत नाली व गली पक्कीकरण में अनियमितता के आरोप में मोरौना पंचायत के मुखिया पर गाज गिरना तय माना जा रहा है। दरअसल जिलाधिकारी धर्मेन्द्र कुमार ने मोरौना पंचायत के मुखिया के विरुद्ध कार्रवाई के लिए बिक्रमगंज के अनुमंडल पदाधिकारी को स्मार पत्र जारी किया है । इसमें कहा गया है कि मोरौना के मुखिया अंकित कुमार पर ग्रामीण पेयजल निश्चय योजना एवं ग्रामीण नली – नाली पक्कीकरण के कार्य में वार्ड संख्या-9 की प्रबंधन समिति के खाते में राशि हस्तान्तरित नहीं करने का आरोप है ।

शिकायत के आलोक में जिला पंचायत राज विभाग ने उनसे स्पष्टीकरण मांगते हुए वार्ड क्रियावन्यन के लिए वार्ड प्रबंधन समिति के खाते में राशि हस्तान्तरित का निर्देश जारी किया है । संबंधित मुखिया ने न तो इस स्पष्टीकरण का संतोषजन जवाब दिया और न राशि हस्तान्तरित की। ऐस में विभाग ने अंकित कुमार के विरुद्ध पंचायती राज अधिनियम के तहत कार्रवाई कर मुखिया पद से हटाने की अनुशंसा की है । माना जा रहा है कि एसडीओ की जांच रिपोर्ट आने के बाद अंकित कुमार पर कार्रवाई तय है। इस कार्रवाई के बाद अन्य पंचायत के मुखियाओं में हड़कंप मचा हुआ है।

पहले ही कार्यमुक्त किये जा चुके हैं चेनारी प्रखंड के 10 मुखिया

बतातें चलें कि विगत तीन फरवरी को वित्तीय अनिमितता व सरकारी गाइडलाइन के विपरीत सोलर लाइट लगाने व गड़बड़ी करने के आरोप में चेनारी प्रखंड के ही केनार कला पंचायत के मुखिया अनिल कुमार, देवडिही पंचायत की मुखिया शिवमूरत राम, चेनारी के मुखिया आर्चना देवी, पेवंदी के मुखिया समिमा खातुन, खुर्माबाद के मुखिया मुसा कुरैसी, सदोखर के मुखिया राम एकबाल सिंह पर कार्रवाई की गयी थी। इसके बाद 12 फरवरी को हुई कार्रवाई की जद में चार मुखिया आ गए। इनमें चेनारी प्रखंड अंतर्गत बनौली पंचायत की मुखिया आशा देवी, उगहनी पंचायत के मुखिया राजवंश पासवान, फुलवरी पंचायत के शिवशंकर राम व डिहरियां पंचायत के मुखिया संतोष तिवारी उर्फ पिंटू तिवारी शामिल हैं।

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