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देश में सभी को लगेगा फ्री का टीका : प्रधानमंत्री

सात कंपनियां कर रहीं वैक्सीन का प्रोडक्शन, तीन का ट्रायल चल रहा

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नयी दिल्ली (voice4bihar desk)। अब सभी देशवासियों को कोरोना से बचाव का टीका मुफ्त लगेगा। टीका उत्पादक कंपनियों से भारत सरकार 75 फीसद टीका खरीदेगी और उसे राज्यों को देगी। इसके लिए राज्यों को किसी तरह की राशि का भुगतान नहीं करना होगा। हालांकि टीका उत्पादक कंपनियों का 25 फीसद टीका देश के निजी अस्पताल खरीद सकेंगे।

जो लोग सरकारी व्यवस्था से अलग टीका लगवाना चाहें वे निजी अस्पतालों में भुगतान कर टीके लगवा सकते हैं। हालांकि निजी अस्पतालों पर भी बंदिश होगी की वे टीका खरीद मूल्य के अलावा प्रति व्यक्ति से सिर्फ डेढ़ सौ रुपये अतिरिक्त ले सकेंगे। निजी अस्पताल टीका लगावने में मनमानी नहीं करें इसकी निगरानी राज्य सरकारें करेंगी।

ये बातें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहीं। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के दौरान बताया कि देश के वैज्ञानिक नोजल स्प्रे वाला टीका विकसित कर रहे हैं। इस टीका के आ जाने के बाद देश में टीकाकरण की रफ्तार और तेज हो जायेगी। आज जब मैं आपसे बात कर रहा हूं तो देश में 23 करोड़ से ज्यादा वैक्सीन की डोज़ दी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि आज देश में सात कंपनियां, विभिन्न प्रकार की वैक्सीन्स का प्रोडक्शन कर रही हैं। तीन और वैक्सीन्स का ट्रायल भी एडवांस स्टेज में चल रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज पूरे विश्व में वैक्सीन के लिए जो मांग है, उसकी तुलना में उत्पादन करने वाले देश और वैक्सीन बनाने वाली कंपनियां बहुत कम हैं। कल्पना करिए कि अभी हमारे पास भारत में बनी वैक्सीन नहीं होती तो आज भारत जैसे विशाल देश में क्या होता। आप पिछले 50-60 साल का इतिहास देखेंगे तो पता चलेगा कि भारत को विदेशों से वैक्सीन प्राप्त करने में दशकों लग जाते थे। विदेशों में वैक्सीन का काम पूरा हो जाता था तब भी हमारे देश में वैक्सीनेशन का काम शुरू नहीं हो पाता था।

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प्रधानंमत्री ने विरोधियों को भी दिया जवाब

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने उन विरोधियों को भी जवाब दिया जो पूछते हैं कि टीका पहले किसको दिया जाये इसका फैसला गलत था। खासकर बुजुर्गों को पहले टीका लगाये जाने पर सवाल उठ रहे थे। प्रधानमंत्री ने कहा कि हम पहले हेल्थ वर्कर, सफाई मजदूर और फ्रंट लाइन वर्करों को टीके नहीं लगाते तो दूसरी लहर में कठिनाई और बढ़ती। बुजुर्गों पर बढ़ते खतरे को देखते हुए पहले उन्हें टीके लगाये गये। प्रधानमंत्री ने टीके की आलोचना करने वाले विरोधी नेताओं को भी आड़े हाथों लिया और कहा कि वे भोले भाले लोगों के जीवन के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि टीकाकरण अभियान के दौरान कुछ राज्यों से आवाज उठी कि इसे विकेंद्रीकृत कर देना चाहिए और राज्यों पर छोड़ देना चाहिए। राज्यों की इच्छा को देखते हुए एक मई से राज्यों को टीकाकरण का 25 फीसद काम राज्यों को सौंपा गया। इस दौरान राज्यों ने इतने बड़े टीकाकरण अभियान में होनेवाली परेशानी को समझा और फिर से केंद्र से टीकाकरण की पूरी व्यवस्था अपने हाथों में लेने की मांग उठने लगी।

इसे देखते हुए केंद्र सरकार ने तय किया है कि एक मई के पूर्व की भांति वह कंपनियों से सीधा टीका लेगी और उसे राज्यों को मुफ्त उपलब्ध करायेगी। अगले दो हफ्तों में नयी व्यवस्था लागू की जाएगी। इस बीच केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर नई गाइडलाइंस के अनुसार आवश्यक तैयारी कर लेंगी।

इस दौरान मोदी ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना से नवंबर तक देश के 80 करोड़ गरीबों को मुफ्त अनाज देने की बात कही। अपना संबोधन भारत कोरोना से जीतेगा से खत्म करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना के मामलों में कुछ कमी आयी  है। इस वजह से कफ्र्यू में ढील दी जा रही है लेकिन हमें अभी भी सावधान रहना होगा।

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