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विधानमंडल परिसर में मिली शराब की 50 से अधिक खाली बोतलें

नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री से मागा इस्तीफा

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पटना (Voice4bihar desk)। शराबबंदी को लेकर मंगलवार को नीतीश सरकार की जबरदस्त किरकिरी हुई। मंगलवार को बिहार विधान मंडल परिसर से काफी संख्या में शराब की खाली बोतलें बरामद की गयीं। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव समेत समूचे विपक्ष ने सरकार की शराबबंदी नीति पर सवाल खड़े किये। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने विधानसभा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से इस मुद्दे पर इस्तीफे की मांग की।

विधानसभा अध्यक्ष दें इजाजत, हम करायेंगे जांच : नीतीश

इस मुद्दे के सामने आने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विधानसभा में अपना बयान दिया। गुस्से में लाल मुख्यमंत्री ने विधानसभा अध्यक्ष से कहा आप इजाजत दीजिए हम इसकी जांच करा देंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई तो है जो गड़बड़ कर रहा है और उसे सजा मिलनी ही चाहिए।

मुख्य सचिव और डीजीपी ने खुद की शराब की बोतलों की जांच

वहीं इस खबर के मीडिया में आने के बाद राज्य के मुख्य सचिव और डीजीपी भागे-भागे उस स्थन पर पहुंचे जहां 50 से अधिक शराब की खाली बोतलें पड़ी हुई थीं। दोनों पदाधिकारियों ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई किये जाने की बात कही है।

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इधर, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के इस मुद्दे को सदन में उठाने पर प्रभारी मंत्री विजय कुमार चौधरी ने जांच कराने और कड़ी कार्रवाई की बात कही जिससे श्री यादव संतुष्ट नहीं हुए। उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले की जांच के नाम पर किसी सिपाही को निलंबित कर देगी और बड़ी मछली को बचा लेगी। उन्होंने डीजीपी के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।

इसके अलावा तेजस्वी यादव ने ट्वीट कर कहा कि मुख्यमंत्री सचिवालय के बाद आज बिहार विधानसभा परिसर में भी शराब की बोतलें बरामद। हां! बिहार में कथित शराबबंदी है जिसके कारण राज्य में 20 हज़ार करोड़ से अधिक की समानांतर अवैध अर्थव्यवस्था चल रही है। प्रशासनिक अराजकता के कारण चहुंओर अव्यवस्था, तस्करी और भ्रष्टाचार चरम पर है। विधानसभा परिसर में शराब ही शराब।

यह अति है। मुख्यमंत्री सह गृहमंत्री नीतीश जी को अब एक सेंकड भी सत्ता में रहने का नैतिक अधिकार नहीं है। मुख्यमंत्री कल इसी परिसर में NDA के विधायकों को संकल्प दिला रहे थे। जो विधायक उनसे शराबबंदी की विफलता पर सवाल कर रहे थे उन्हें वो डांट रहे थे। अदभुत! बिहार विधानसभा परिसर के अंदर में शराब की बोतलें बरामद। अभी शीतकालीन सत्र चल रहा है। CM के चेंबर से मात्र चंद कदम की दूरी पर विभिन्न ब्रांड की शराब ही शराब उपलब्ध। कड़ी सुरक्षा के बीच चालू सत्र में ही विधानसभा में शराब मिल रही है, शेष बिहार की आप बस कल्पना कीजिए! शर्मनाक!

विधानमंडल परिसर में पड़ी शराब की खाली बोतलें।

बता दें कि बिहार में पिछले करीब पांच वर्षों से शराब बंदी लागू है। विपक्ष लगातार इसकी समीक्षा करने की मांग करता रहा है पर नीतीश कुमार बार-बार कह चुके हैं कि वे जब तक रहेंगे शराबबंदी से किसी प्रकार की छूट नहीं देंगे। हाल में जहरीली शराब पीने से 50 से अधिक लोगों की मौत के बाद मुख्यमंत्री ने राज्य में शराब की तस्करी की समीक्षा करते हुए पुलिस और उत्पाद विभाग के पदाधिकारियों से शराबबंदी को कड़ाई से लागू करने को कहा था।

मुख्यमंत्री का कहना था कि पटना में शराबबंदी को कड़ाई से लागू कर दिया जायेगा तो इसका संदेश पूरे राज्य में जायेगा और इसे पूरी राज्य में प्रतिबंधित किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने राज्य में शराबबंदी नीति को सफल बनाने के लिए कड़क माने जाने वाले आईएएस अफसर केके पाठक को उत्पाद विभाग की कमान सौंपी है। इसके बावजूद विधानमंडल परिसर में काफी संख्या में शराब की खाली बोतल मिलने से सरकार की फजीहत हुई है।

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