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विधायक की अनुशंसा पर ही खर्च हो मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना मद की राशि : तेजस्वी

नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री को लिखी चिट्‌ठी, कहा-भ्रष्टाचार की भेंट न चढ़े राशि

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पटना (voice4bihar desk)। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव इन दिनों जेल से जमानत पर रिहा हुए पिता लालू प्रसाद की सेवा में दिल्ली में हैं। पर, सोशल मीडिया के जरिये लगातार नीतीश सरकार पर हमलावर हैं। बुधवार को उन्होंने नीतीश सरकार के उस फैसले पर सवाल उठाया जिसमें सरकार ने मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना मद की राशि का उपयोग कोरोना महामारी से निपटने में खर्च करने का निर्णय लिया है।

राज्य सरकार ने मगलवार को तय किया है कि बिहार विधानमंडल के दोनों सदस्यों की वित्तीय वर्ष 2021-2022 की मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना मद की राशि में से दो-दो करोड़ रुपये का इस्तेमाल राज्य में कोरोना महामारी से निपटने में किया जायेगा। बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों को मिलाकर 318 सदस्य हैं। सरकार के इस फैसले से उसे 636 करोड़ की राशि मिल जायेगी।

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सरकार के इसी फैसले को लेकर मुख्यमंत्री के नाम दो पन्ने का पत्र लिख है। इसमें नेता प्रतिपक्ष ने कहा है कि वैश्विक महामारी कोविड -19 की राज्य में रोकथाम तथा इससे संकमित व्यक्तियों की जांच और उपचार के लिए सरकार ने बिहार विधानसभा एवं विधान परिषद् के सदस्यों को आवंटित मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना मद की वित्तीय वर्ष 2021-22 की अनुमान्य राशि से दो करोड़ रुपये स्वास्थ्य के कोरोना उन्मूलन कोष में उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है।

तेजस्वी ने कहा है कि सरकार के इस निर्णय से पूर्व ही हमलोग स्वेच्छा से अपने अनुमान्य राशि से अपने विधानसभा क्षेत्र स्थित पीएचसी एवं एपीएचसी में कोरोना महामारी से ग्रसित व्यक्तियों के समुचित इलाज के लिए विभिन्न प्रकार की जीवन रक्षक दवाओं तथा आवश्यक मेडिकल उपकरण यथा- ऑक्सीजन सिलिंडर, बेड, ऑक्सीजन फ्लोमीटर, ऑक्सीजन मास्क, ऑक्सीजन कसेंट्रेटर इत्यादि की खरीद कर अधिष्ठापित करने की अपनी अनुसंशा भेज चुके हैं। हमने अपने पार्टी कार्यालय एवं आवास को आईसोलेशन सेंटर के रूप में उपयोग करने का भी अनुरोध किया है।

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साथ ही उन्होंने कहा कि कोविड -19 के पहले चरण -2020 में भी सभी सदस्यों के मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास मद से सैकड़ो करोड़ की राशि सरकार ने ली थी, लेकिन उसका सदुपयोग नहीं हुआ। सर्वविदित है कि वह राशि संगठित भ्रष्टाचार की बलि चढ़ गई। मीडिया एवं राष्ट्रीय समाचार पत्रों में यह खबर आई कि फर्जी जांच, क्वारेंटाइन व आईसोलेशन केन्द्रों में रह रहे लोगों को कुछ भी उपलब्ध कराये बिना ही संबंधित अधिकारियों ने राशि की लूट व बंदरबांट कर ली। विगत विधानसभा सत्र में भी पक्ष-विपक्ष के सदस्यों ने इस संबंध में सदन को अवगत कराया था। अत: इस बार महामारी की गंभीरता को देखते हुए हम चाहते हैं कि इस राशि का सही उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

श्री यादव ने कहा कि यह भी सुनिश्चित किया जाए कि जो दो करोड़ रुपये सरकार के नीतिगत निर्णय द्वारा लिए जा रहे हैं वह सदस्य की अनुसंशा से उन्हीं के विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य संरचना, जीवन रक्षक दवाओं एवं जरूरी स्वास्थ्य उपकरणों के क्रय के लिए किए जायें। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि विधायक जनता द्वारा चुने गए उनके प्रतिनिधि होते हैं अतः अधिकारियों से अधिक वे जनता के प्रति जवाबदेह होते हैं। वे जनता के बीच रहते हैं। उनके कष्टों से भली – भांति अवगत रहते हैं। जनता उनसे अपेक्षा भी रखती है । जनता अपने जनप्रतिनिधि से आवश्यक जीवन रक्षक दवा, उपकरण आदि उपलब्ध कराने के लिए उनके आवास एवं कार्यालय में संपर्क करती रहती है लेकिन अधिकारियों के आवास एवं कार्यालय पर जाकर इस तरह की आवश्यकता की पूर्ति की मांग नहीं कर सकती।

स्वास्थ्य विभाग का तो अपना ही हजारों करोड़ का बजट है, जिसे वह पूरे वित्तीय वर्ष में खर्च नहीं कर पाता है। जो खर्च होता भी उसमें अधिकांश भष्टाचार एवं कमीशनखोरी की भेंट चढ़ जाता है। विगत वित्तीय वर्ष में भी स्वास्थ्य विभाग अपना पूरा बजट खर्च नहीं कर पाया । इसके अलावे अत्यावश्यक जरूरत को पूरा करने के लए आपदा प्रबंधन का बजट, मुख्यमंत्री राहत कोष, पीएम केयर फंड भी हैं । लोकसभा में बिहार से एनडीए  के 39 सांसद हैं । बिहार के सभी लोकसभा सांसदों की सांसद निधि को बिहार में ही स्वास्थ्य संरचना पर खर्च कराने की मांग प्रधानमंत्री से मांग की जाए।

साथ ही केन्द्र से बिहार की जनसंख्या, क्षेत्रफल एवं संक्रमण दर के हिसाब से मदद लेने में कोई झिझक और कोताही नहीं होनी चाहिए। अनुरोध है कि मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना मद से ली जानेवाली उपरोक्त राशि स्वास्थ्य विभाग के कोष में जमा कर भष्टाचार की भेंट चढ़ाने के बजाय सभी सदस्यों की अनुसंशा पर सरकारी तंत्र द्वारा कय कर उनके विधानसभा क्षेत्र में ही इस्तेमाल की जाए।

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