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चाहने वाले अभी नहीं कर सकेंगे लालू प्रसाद का दीदार

काेरोना के चलते अभी दिल्ली में ही मीसा भारती के घर रहेंगे लालू प्रसाद

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पटना (voice4bihar desk)। करीब तीन साल से जेल में बंद लालू प्रसाद का दीदार अभी उनके चाहने वाले नहीं कर सकेंगे। वजह है कोरोना। लालू प्रसाद हाइपर डायबिटिक पेशेंट हैं। उनकी किडनी भी डैमेज है। ऐसे में वह कोरोना महामारी के इस पीक समय में पटना से दूर ही रहेंगे। लालू के परिवार में इस बात पर सहमति बन गयी है कि उन्हें अभी पटना से दूर ही रहने दिया जाए। यहां आने पर वे राबड़ी आवास में रहेंगे और यहां दिन भर उनके चाहने वालों का जमावड़ा लगा रहेगा।

ऐसे में कोरोना वायरस के अलावा अन्य इंफेक्शन का खतरा है। इसलिए परिवार के लोगों में सहमति बनी है कि अभी लालू प्रसाद दिल्ली में ही राज्यसभा सांसद अपनी बेटी मीसा भारती के सरकारी आवास पर रहेंगे। वहां रहने का एक फायदा यह भी होगा कि वहां वे समय-समय पर दिल्ली एम्स में आसानी से अपना चेकअप करा पायेंगे।

रांची हाईकोर्ट से लालू प्रसाद मिली है जमानत, तीन साल बाद आयेंगे जेल से बाहर

बता दें कि लालू प्रसाद अभी न्यायिक हिरासत में दिल्ली एम्स में अपना इलाज करा रहे हैं। चारा घोटाले के कम से कम चार मामलों में लालू प्रसाद रांची के जेल में सजा काट रहे हैं। इन सभी मामलों में आधी सजा पूरी कर लेने के आधार पर रांची हाईकोर्ट ने शनिवार को उन्हें जमानत दी है। उम्मीद है कि सोमवार को वे जेल से बाहर आ जायेंगे। हालांकि अभी तुरंत वे दिल्ली एम्स से निकलकर घर चले जायेंगे यह कहना जल्दबाजी होगी। दिल्ली एम्स में वे डॉक्टरों की निगरानी में हैं और डॉक्टरों की सलाह पर ही वहां से डिस्चार्ज होंगे।

दिल्ली एम्स से डिस्चार्ज होने के बाद वे फिलहाल कुछ दिनों तक वहीं सांसद पुत्री मीसा भारती के घर पर आराम करेंगे। बाद में डॉक्टरों की सलाह पर ही वे वहां से पटना आयेंगे। तब तक राजधानी पटना समेत पूरे राज्य में फैले उनके करोड़ों प्रशसंकों को इंतजार करना पड़ेगा।

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मोदी ने लालू को चेताया तो शिवानंद ने मोदी को सुनाया

हालांकि लालू के प्रशंसक भले इंतजार कर लें पर उनके धुर विरोधियों से इंतजार नहीं हो पा रहा है। बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने लालू प्रसाद के जमानत की खबर आते ही उन्हें राजनीति नहीं करने की चेतावनी दे डाली है। मोदी ने ट्वीट कर कहा कि अदालत ने लालू प्रसाद को राजनीति करने के लिए जमानत नहीं दी है। अगर वे बिहार आकर राजनीति करेंगे तो हम उनकी जमानत रद्द करवाने के लिए अदालत जायेंगे। इस पर कभी मोदी के साथ मिलकर लालू को जेल भेजवाने वाले और फिलहाल लालू की पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी ने सुशील मोदी को काफी खरी खोटी सुनाई है। उन्होंने कहा है कि लालू प्रसाद को राजनीति करने से कोई नहीं रोक सकता है।

लालू प्रसाद के फोनकांड से डरे हुए हैं उनके विरोधी

असल में लालू के विरोधी फोनकांड के चलते उनसे डरे हुए हैं। विधानसभा चुनाव 2020 के बाद हुए इस फोनकांड ने राज्य की नई नवेली नीतीश सरकार को हिला कर रख दिया था। शपथ ग्रहण के तत्काल बाद जब नीतीश सरकार विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव की तैयारी कर रही थी तब लालू प्रसाद रांची के होटवार जेल से सरकार के पतन की कहानी लिखने में जुटे थे। उस वक्त लालू प्रसाद को रांची जेल अधीक्षक के आवास केली हाउस में रहने की सुविधा मिली हुई थी।

उन्होंने भाजपा के पहली बार विधायक बने पीरपैंती के ललन पासवान को वहीं से 24 नवंबर, 2020 को फोन मिलाया। संयोग से पासवान उस वक्त भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी के आवास पर थे जिसके कारण भांडा फूट गया। लालू प्रसाद ने ललन पासवान को मंत्री बना कर सेट करने का आश्वासन दिया और उनसे कहा कि वे विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव से अनुपस्थित हो जाएं। दोनों की बातचीत सुशील मोदी ने सुन ली और उन्होंने उस बातचीत का ऑडियो टेप वायरल कर दिया।

इससे लालू प्रसाद की पूरी प्नानिंग तो फेल हो ही गयी, केली हाउस में रहने की उनसे सुविधा भी छीन ली गया और वापस होटवार जेल के बैरक में जाना पड़ा। हालांकि बाद में तबियत बिगड़ने पर उन्हें रांची के रिम्स और फिर वहां से दिल्ली एम्स भेजा गया। तब से वे दिल्ली एम्स में ही भर्ती हैं। उनकी पत्नी राबड़ी देवी भी दिल्ली में ही डेरा डाली हुईं हैं। कहा तो यह भी जाता है कि लालू प्रसाद ने नीतीश सरकार को गिराने के लिए जरूरी विधायकों का इंतजाम कर लिया था। भाजपा विधायक ललन पासवान को फोन करने की टाइमिेग में चूक नहीं हुई होती तो आज पक्ष-विपक्ष का नजारा बदला-बदला होता।

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