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गांवों में तैनात होंगे डॉक्टर, एंबुलेंस की मिलेगी सुविधा

नीतीश कैबिनेट की बैठक में कुल 13 एजेंडों पर लगी मुहर, शिक्षकों को मिलेगा दो माह का वेतन

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पटना (voice4bihar desk)। मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में कोरोना महामारी का असर साफ देखा गया। महामारी में गांवों में स्वास्थ्य सेवाओं की भारी कमी के मद्देनजर नीतीश सरकार ने एमबीबीएस डॉक्टर की तैनाती और एंबुलेंस की उपलब्धता पर जोर दिया है। हालांकि एंबुलेस के लिए प्राइवेट पार्टी को आगे बढ़ाने की कवायद की गयी है वहीं डॉक्टरों की तैनाती अनुबंध के तहत करने की बात कही गयी है। साथ ही राज्य के शिक्षकों को दो माह के वेतन के लिए राशि की मंजूरी दी गयी है। कैबिनेट की बैठक में कुल 13 एजेंडों पर मुहर लगी है।

सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग द्वारी जारी प्रेस नोट में बताया गया है कि राज्य के सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयों से नव उत्तीर्ण एमबीबीएस डिग्रीधारकों को अनिवार्यतः ग्रामीण क्षेत्र में संविदा पर नियोजन के लिए चिकित्सक के कुल 2580 फ्लोटिंग पदों की स्वीकृति दी गयी है। यानी राज्य के सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयों से नव उत्तीर्ण एमबीबीएस डिग्रीधारकों को राज्य के ग्रामीण इलाके में अनुबंधित डॉक्टर के रूप में अपनी सेवा देनी होगी।

इसके अलावा, ग्रामीण इलाके में एंबुलेंस का इंतजाम मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना के तहत किया जायेगा। बताया गया है कि बिहार गजट संख्या -823, 05.09.2018 के द्वारा मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना बिहार राज्य में लागू है। इसके तहत प्रत्येक पंचायत के चार अनुसूचित जाति / जनजाति एवं तीन अत्यंत पिछड़ा वर्ग के लाभुक को योग्य वाहन की खरीद पर खरीद मूल्य का 50 प्रतिशत, अधिकतम एक लाख रुपए अनुदान दिया जा रहा । ई – रिक्शा के क्रय की स्थिति में खरीद मूल्य का 50 प्रतिशत परन्तु अधिकतम 70,000 रुपये अनुदान दिया जा रहा है ।

वर्तमान में कोविड -19 के संक्रमण की दूसरी लहर के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में संक्रमण के प्रसार के मामले सामने आ रहे हैं। संक्रमित व्यक्तियों के इलाज के लिए उन्हें स्वास्थ्य केन्द्रों तक समुचित परिवहन की सुविधा उपलब्ध होना आवश्यक है । इसके अतिरिक्त भी अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रसित होने की स्थिति में तथा आपातकालीन चिकित्सा सुविधा हेतु ग्रामीण क्षेत्रों के लोंगो को उपचार हेतु स्वास्थ्य केन्द्रों तक आना होता है।

वर्तमान परिस्थिति में सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में एंबुलेंस की उपलब्धता को बढ़ाया जाना आवश्यक है ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले संक्रमित / बीमार व्यक्तियों को चिकित्सा हेतु स्वास्थ्य केन्द्रों तक परिवहन सुविधा उपलब्ध हो सके। इस हेतु मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना के अन्तर्गत एंबुलेंस के क्रय को मान्यता देते हुए प्रति प्रखंड दो लाभुकों द्वारा एंबुलेस के क्रय पर क्रय मूल्य का 50 प्रतिशत परन्तु अधिकतम दो लाख रुपये अनुदान के भुगतान की स्वीकृति का प्रस्ताव है।

एक अन्य प्रस्ताव में वित्तीय वर्ष 2021-22 में समग्र शिक्षा अभियान स्कीम अन्तर्गत कार्यरत शिक्षकों के वेतनादि भुगतान हेतु केन्द्रांश की राशि कम उपलब्ध होने के कारण राज्य स्कीम मद से सहायक अनुदान के रूप में उपबंधित कुल राशि 52 अरब रुपये के व्यय की स्वीकृति तथा कुल उपबंधित अनुदान राशि में से तत्काल वेतनादि के भुगतान हेतु 17.16 अरब रुपये की व्यय की विमुक्ति दी गयी है।

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शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने प्रदेश में कार्यरत लगभग पौने तीन लाख शिक्षकों के वेतन भुगतान के लिए मंत्रिपरिषद् द्वारा 17.16 अरब रुपये की राशि आज स्वीकृत करने पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को धन्यवाद दिया है । उन्होंने बताया कि समग्र शिक्षा अभियान के तहत पूरे प्रदेश में कार्यरत इन शिक्षकों के वेतन में केन्द्र एवं राज्य दोनों की हिस्सेदारी होती है। कोरोना महामारी एवं अन्य कारणों से केन्द्रांश प्राप्त होने में हो रहे देरी के कारण इनके वेतन भुगतान में कठिनाई हो रही थी। मुख्यमंत्री के निर्देश पर केन्द्र के हिस्से की राशि भी तत्काल राज्य सरकार ने अपनी निधि से उपलब्ध कराने का निर्णय लिया। तत्संबंधी शिक्षा विभाग के प्रस्ताव को मंत्रिपरिषद् ने आज मंजूरी दे दी । इससे अब शिक्षकों के लगभग दो महीने के बकाए वेतन का भुगतान तुरंत हो सकेगा।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि इससे शिक्षकों की परेशानी दूर होगी । विशेष रूप से ईद जैसे महत्वपूर्ण पर्व के परिप्रेक्ष्य में यह लाजिमी था। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सरकार जिस रूप में शिक्षकों की कठिनाइयों के प्रति संवेदनशील है , शिक्षकों से भी सरकारी विद्यालय खुलने पर शिक्षण कार्य में गुणात्मक सुधार लाने की अपेक्षा है।

कोरोना काल में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत मई 2021 में पूर्विकताप्राप्त परिवारों को प्रति लाभुक तीन किलोग्राम चावल, एक किलोग्राम गेहूं तथा अन्त्योदय परिवारों को प्रति परिवार दो किलोग्राम चावल एक किलोग्राम गेहूं मुफ्त वितरित किये जाने के लिए 117 करोड़ रुपये अनुमानित व्यय की घटनोत्तर स्वीकृति दी गयी है।

कोविड -19 संक्रमण की रोकथाम हेतु अस्पतालों एवं कोविड केयर सेन्टरों में प्रतिनियुक्त दण्डाधिकारियों / पर्यवेक्षकों ( supervisors ) तथा पुलिस पदाधिकारियों / कर्मियों को विशेष प्रोत्साहन राशि का भुगतान करने के निर्णय की घटनोत्तर स्वीकृति प्रदान की गयी है।

पंचम् राज्य वित्त आयोग का कार्यकाल समाप्त होने तथा षष्ठम् राज्य वित्त आयोग का अनुशंसा अप्राप्त रहने की स्थिति में पंचम् राज्य वित्त आयोग की शर्तों के आलोक में वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए कर्णांकित राज्य वित्त आयोग की राशि में से 592.405 करोड़ वित्तीय वर्ष 2021-22 में राज्य में कार्यरत सभी नगर निकायों के बीच सहायक अनुदान के रूप में वितरित करने हेतु व्यय की स्वीकृति दी गई ।

15 वें वित्त आयोग की अनुशंसा के आलोक में वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक राज्य के Million Plus आबादी वाले शहरों हेतु मिलियन – प्लस शहर चैलेंजे फंड ( एमसीएफ ) के रूप में अनुदान की राशि ₹ 1690.00 करोड़  तथा Non – Million Plus आबादी वाले शहरों हेतु अनुदान की राशि 8309.00 करोड़ रुपये अर्थात् कुल 9999.00 करोड़ रुपये को वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2025-26 के बीच भारत सरकार से राशि विमुक्ति के पश्चात् राज्य के सभी शहरी स्थानीय निकायों एवं छावनी परिषद् को जनसंख्या एवं क्षेत्रफल के आधार पर आवंटित करने हेतु राशि के व्यय की स्वीकृति दी गई ।

मंत्रिमंडल की बैठक में बिहार नगरपालिका संवर्ग नियमावली 2021 की स्वीकृति प्रदान की गयी। बिहार लोक स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन संवगग् नियमावली 2021 को स्वीकृति दी गयी। बिहार नगरपालिका राजस्व एवं लेखा संवर्ग नियमावली 2021 को स्वीकृति दी गयी। बहार नगरपालिका नगर योजना (टाउन प्लानिंग) पर्यवेक्षक संवर्ग नियमावली 2021 की स्वीकृति प्रदान की गयी। बिहार नगर कल्याण एवं निबंधन संवर्ग नियमावली 2021 की स्वीकृति प्रदान की गयी।

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