Header 300×250 Mobile

कैसे होगा कोरोना का इलाज, बेड 2,192 मरीज 1,2118

कोरोना संक्रमण से बिगड़ रहे हालात, मरीज भटकने को हैं विवश

- Sponsored -

624

- Sponsored -

- sponsored -

पटना (voice4bihar desk)। कैसे हाेगा कोरोना का इलाज, जब बेड से छह गुना अधिक मरीज हैं। पटना जिले में सभी सरकारी और निजी अस्पतालों में सामान्य और आईसीयू बेड को मिलाकर कुल 2,192 बेड का इंतजाम शासन की ओर से किया गया है। जबकि केवल पटना जिले में शनिवार शाम तक कोरोना के सक्रिय मरीजों की संख्या 1,2118 है। इनमें 1,888 नये संक्रमितों की पहचान तो केवल शनिवार को की गयी है। पटना जिले के चार कोविड अस्पतालों और निजी अस्पतालों को मिलाकर शनिवार शाम तक 211 बेड खाली रखे गये हैं। अधिसंख्य कोरोना संक्रमित मरीजों को घर पर ही क्वारेंटाइन रहने काे कहा जा रहा है।

जिला प्रशासन के आंकड़े के मुताबिक पटना एम्स में 220, पीएमसीएच में 105, एनएमसीएच में 178 और ईएसआईसी बिहटा में 40 बेड कोरोना मरीजों के लिए आरक्षित हैं। इनके अलावा इन अस्पतालों में 88 आईसीयू बेड कोरोना के गंभीर मरीजों के लिए आरक्षित हैं। जिला प्रशासन के मुताबिक इनके अलावा निजी अस्पतालों में 1184 बेड कोरोना के सामन्य और 377 आईसीयू गंभीर मरीजों के लिए आरक्षित हैं।

सरकारी आंकड़ों से पता चलता है कि सरकारी अस्पतालों के 543 में से 457 पर मरीज भर्ती हैं और 86 खाली हैं। वहीं निजी अस्पतालों के 985 बेड में से 860 पर मरीज भर्ती है जबकि 12 खाली हैं। इस तरह सरकारी और निजी अस्पतालों को मिलाकर कुल 211 बेड खाली हैं। पूरे राज्य में शनिवार शाम तक कोरोना के सक्रिय मरीजों की संख्या 39,497 हो गयी है।

बिहार में 24 घंटे में हो चुकी है कोरोना से 34 मरीजों की मौत

विज्ञापन

बिहार में पिछले 24 घंटे में सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, कोरोना के संक्रमण से 34 मरीजों की मौत हुई है। यहां मृतकों का कुल आंकड़ा 1722 पहुंच गया है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले पांच दिनों में बिहार में 106 कोरोना पीड़ितों की मौत हुई है। शनिवार को मिले 7,870 नये संक्रमितों को मिलाकर यहां कुल सक्रिय मामले बढ़कर 39,498 हो गये हैं।

इनमें सबसे अधिक राजधानी पटना में 1898 मरीज मिले हैं। इसके अलावा गया में 610, मुजफ्फरपुर में 541, बेगूसराय में 326, भागलपुर में 322, पश्चिम चंपारण में 269, सारण में 256, मुंगेर में 255, सहरसा में 247, औरंगाबाद में 215, सीवान में 188, जहानाबाद में 186, वैशाली में 167, पूर्णिया में 153, पूर्वी चंपारण 149, गोपालगंज में 147, समस्तीपुर में 143, भोजपुर में 138, मधुबनी में 127, नवादा में 115, मधेपुरा में 110, नालंदा में 109, शेखपुरा और जमूई में 103-103, लखीसराय में 102 और बक्सर में सौ नये संक्रमित मिले हैं।

देश में राेज औसत से चार गुना अधिक कोरोना पीड़ितों की हो रही है मौत

भारत में कोरोना के संक्रमण से पहली मौत 11 मार्च को सऊदी अरब से लौटे 76 वर्षीय शख्श की कर्नाटक के कलबुर्गी में हुई थी। तब से अब तक देश में इस संक्रमण से 1,77,150 लोगों की मौत हो चुकी है। शनिवार को 1,501 लोगों की मौत हुई। अगर हम औसत की बात करें तो पिछले करीब 11 महीनों में रोज 440 लोगों की मौत कोराना संक्रमण से हो रही है। ऐसे में शनिवार को हुई 1501 लोगों की मौत औसत से करीब चार गुणा अधिक है।

पूरे देश में 18,01,316 कोरोना पीड़ित सक्रिय हैं जिसके कारण अस्पतालों की व्यवस्था चरमरा गयी है। देश के अस्पतालों में बेड और कृत्रिम ऑक्सीजन की भारी किल्लत हो गयी है। वेंटीलेटर जैसी सुविधा भी कुछ ही जरूरतमंद मरीजों की मिल पा रही है जिसके कारण मरीज इस अस्पताल से उस अस्पताल भटकने को विवश हैं। देश भर में शनिवार को 2,61,500 नये कोराना संकमितों की पहचान की गयी है।

- Sponsored -

- Sponsored -

- Sponsored -

ADVERTISMENT