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इंटर-मैट्रिक पूरक परीक्षा के सभी विद्यार्थी पास

2,18,790 छात्रों को बिना परीक्षा के अतिरिक्त ग्रेस नंबर देकर किया गया पास

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पटना (voice4bihar desk)। इस साल बिहार विद्यालय परीक्षा समिति पूरक परीक्षाओं का आयोजन नहीं करेगा। परीक्षा समिति ने इस बार मैट्रिक और इंटरमीडिएट की पूरक परीक्षाओं के लिए आवेदन करने वाले सभी 2,18,790 छात्रों को अतिरिक्त ग्रेस नंबर देकर पास करने का निर्णय लिया है। यह जानकारी राज्य के शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने शुक्रवार को दी। उन्होंने बताया कि छात्र शनिवार से अपने अंक पत्र परीक्षा समिति की वेबसाइट पर देख सकते हैं।

महामारी के चलते पूरक परीक्षा का आयोजन संभव नहीं 

मंत्री श्री चौधरी ने बताया कि बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा इंटरमीडिएट एवं मैट्रिक की वार्षिक परीक्षा, 2021 संपन्न कराकर परीक्षाफल प्रकाशित किया जा चुका है। विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी एक या दो विषयों में अनुत्तीर्ण विद्यार्थियों के लिए कम्पार्टमेंटल (पूरक) परीक्षाओं का आयोजन किया जाना था, लेकिन कोविड -19 महामारी के कारण उत्पन्न विषम परिस्थिति के चलते आगामी 2-3 माह में भी कम्पार्टमेंटल परीक्षा कराया जाना संभव प्रतीत नहीं होता है।

शनिवार शाम पांच बजे से वेबसाइट पर देख सकते हैं पूरक परीक्षा के रिजल्ट

इस परिस्थिति में छात्रहित में बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा इंटरमीडिएट एवं मैट्रिक परीक्षा 2021 में एक या दो विषयों में अनुत्तीर्ण विद्यार्थियों को अपवादस्वरूप कुछ अतिरिक्त ग्रेस अंक देकर उत्तीर्ण करने की समिति के प्रस्ताव से शिक्षा विभाग ने सहमति प्रदान की है। इस क्रम में शिक्षा मंत्री ने बताया कि इस निर्णय के तहत अतिरिक्त ग्रेस से उत्तीर्ण हुए विद्यार्थियों का परीक्षाफल तैयार कर लिया गया है जो समिति की वेबसाइट http://results.biharboardonline.com पर 19.06.2021 को शाम पांच बजे के बाद उपलब्ध रहेगा। इस वेबसाइट पर विद्यार्थी अपना रिजल्ट देख सकते हैं।

अपैल-मई में ही होना था पूरक परीक्षाओं का आयोजन

इसके पहले अप्रैल माह में परीक्षा समिति ने मैट्रिक और इंटरमीडिएट की वार्षिक परीक्षाओं का रिजल्ट जारी किया था। एक या दो विषयों में अनुत्तीर्ण छात्रों के लिए इंटरमीडिएट कंपार्टमेंटल सह विशेष परीक्षा 2021 का आयोजन 29 अप्रैल से 10 मई तक और माध्यमिक कंपार्टमेंटल सह विशेष परीक्षा 2021 का आयोजन पांच मई से आठ मई तक किया जाना था। इस परीक्षा को परीक्षा समिति ने कोरोना की तेज लहर के कारण स्थगित कर दिया था।

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महामारी की रफ्तार वर्तमान में कम भले हो गयी है पर अब भी खतरा टला नहीं है। इसके चलते आगामी महीनों में भी इसका आयोजन संभव नहीं दिख रहा है। इस वजह से परीक्षा समिति ने पूरक परीक्षाओं के लिए आवेदन करने वाले सभी छात्रों को अतिरिक्त ग्रेस नंबर देकर पास कर दिया। अर्थात् अधिकतम दो विषयों में जो छात्र जितने नंबर से फेल थे उन्हें उतने ही नंबर देकर पास कर दिया गया।

वार्षिक परीक्षा 2021 के पूर्व में घोषित इंटरमीडिएट परीक्षा के नतीजे में 13,40,267 विद्यार्थियाें में से 10,48,846 यानि 78.26 प्रतिशत उत्तीर्ण हुए थे। एक या दो विषयों में अनुत्तीर्ण छात्रों को अतिरिक्त ग्रेस अंक दिए जाने के इस निर्णय का फायदा कुल 97,474 विद्यार्थियों को हुआ है। अर्थात् कला संकाय में 53,939, वाणिज्य संकाय में 1,814, विज्ञान संकाय में 41,691 तथा वोकेशनल में 30 विद्यार्थियों ने पूरक परीक्षा के लिए आवेदन किया था। इन सभी को पास घोषित कर दिया गया है।

अब इंटर के 85.53 और मैट्रिक के 85.50 प्रतिशत विद्यार्थी पास

इस प्रकार, अब कुल उत्तीर्ण विद्यार्थियों की संख्या 11,46,320 हो गयी है जो सम्मिलित होने वाले विद्यार्थियों का 85.53 प्रतिशत हो जाता है। इसी प्रकार, अतिरिक्त ग्रेस अंक दिए जाने के परिणामस्वरूप मैट्रिक वार्षिक परीक्षा, 2021 में एक या दो विषयों में अनुत्तीर्ण छात्रों में से कुल 1,21,316 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए हैं। पूर्व में मैट्रिक वार्षिक परीक्षाफल, 2021 में सम्मिलित 16,54,171 विद्यार्थियों में से 12,93,054 यानि कुल 78.17 प्रतिशत उत्तीर्ण हुए थे।

इस प्रकार, अब इस परीक्षा में उत्तीर्ण विद्यार्थियों की कुल संख्या 14,14,370 हो गई है जो 85.50 प्रतिशत होता है। शिक्षा मंत्री श्री चौधरी ने बताया कि छात्रों के हित में लिए गए राज्य सरकार के इस निर्णय से हजारों विद्यार्थी लाभान्वित होंगे तथा कोरोना महामारी से उत्पन्न विकट स्थिति के बावजूद उनका एक वर्ष खराब नहीं होगा।

इस बार केवल बिहार बोर्ड ही आयोजित कर सका वार्षिक परीक्षा

उल्लेखनीय है कि इस वर्ष बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ही पूरे देश का एकमात्र बोर्ड है जिसने इन्टरमीडिएट एवं मैट्रिक वार्षिक परीक्षा का ससमय आयोजन किया तथा उसका ससमय परिणाम जारी किया। आज सीबीएसई, आईसीएसई एवं अन्य राज्यों के परीक्षा बोर्ड परीक्षाओं का आयोजन नहीं किए जाने के कारण मूल्यांकन के अन्य विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। पिछले वर्षों में भी समिति ने ससमय इंटरमीडिएट एवं मैट्रिक की परीक्षाओं का आयोजन कर नतीजे भी देश में सबसे पहले प्रकाशित किया है।

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