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अब जेल में बंद अपनों से ई-मुलाकात करेंगे कैदी

भारत सरकार के ई-प्रिजन के बेब पोर्टल पर कराना होगा रजिस्ट्रेशन

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पटना (voice4bihar desk)। बिहार की जेलों में बंद कैदी अब अपने परिजनों से ई-मुलाकात करेंगे। कोरोना महामारी के कारण पिछले कई महीने से बंदी अपने परिजनों से मिल नहीं पा रहे हैं। परिजनों के कारा आकर बंदियों से मिलने पर पूरी तरह रोक लगायी गयी है। ऐसे में बंदियों में मानसिक तनाव देखने को मिल रहा है। इसी के मद्देनजर राज्य कारा प्रशासन ने बंदियों के उनके परिजनों से मिलने और बात करने के लिए ई-मुलाकात सिस्टम की शुरुआत की है। ई-मुलाकात के जरिये बंदी अपने परिजनों के अलावा डॉक्टर और अपने वकील से भी मिलकर सलाह-मशविरा कर सकते हैं।

गृह विभाग के महानिरीक्षक कारा एवं सुधार सेवाएं निरीक्षणालय कारा द्वारा जारी आवश्यक सूचना के अनुसार, वर्तमान समय में नोवेल कोरोना वायरस (Covid – 19) को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने महामारी घोषित किया है। राज्य की काराओं में संसीमित बंदियों में कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने एवं उससे बचाव के लिए Social Distancing बनाये रखने के उद्देश्य से बंदियों के परिजनों को कारा आकर मुलाकात करने की व्यवस्था को पूर्ण रूप से प्रतिबंधित किया गया है।

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मुलाकाती व्यवस्था के प्रतिबंधित होने से बंदियों में संभावित मानसिक तनाव की स्थिति को ध्यान में रखते हुए कारा निरीक्षणालय ने बंदियों से मुलाकात के लिए ई-मुलाकाती सिस्टम लागू कर दिया है। इस सिस्टम के जरिये अब बंदी कारा से ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अपने परिजनों / डॉक्टरों एवं अधिवक्ताओं से मुलाकात कर सकते हैं।

ई-मुलाकाती सिस्टम की सुविधा का उपयोग करने के इच्छुक लोगों को भारत सरकार के ई-प्रिजन के बेब पोर्टल www.eprisons.nic.in पर Registration करने पर मुलाकाती से संबंधित सत्यापन के बाद कारा प्रशासन इसकी अनुमति देगा और मुलाकाती के संबंधित मोबाइल तथा ई-मेल पर मैसेज भेज कर मुलाकात का दिन और समय बताया जाएगा। इस नई व्यवस्था के लागू होने से काराओं में कैद बंदियों के परिजन अपने बंदी से आसानी से ई-मुलाकात कर सकेंगे। ई-मुलाकाती व्यवस्था के तहत बंदी के रिश्तेदार एवं उनके केस की पैरवी कर रहे वकील को ही इसकी सुविधा मिलेगी।

इसके अतिरिक्त राज्य की सभी काराओं में टेलीफोन बूथ अधिष्ठापित किया गया है। बंदियों द्वारा अपने परिजनों के उपलब्ध कराये गये लैंडलाईन नंबर/मोबाईल नंबर पर भी बातचीत की सुविधा टेलीफोन बूथ के माध्यम से दी जा रही है।

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